अमेरिका और ईरान के बीच जारी पुराना विवाद अब काफी खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है और इसका असर खाड़ी के अन्य देशों जैसे बहरीन, जॉर्डन और कुवैत तक पहुंच गया है। 10 जून 2026 को अमेरिका द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ठिकानों पर की गई बड़ी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने जवाबी हमला किया है। ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। इस अचानक हुए हमले से खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और वहां रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों पर भी इसका असर पड़ने की आशंका है।

ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर क्यों दागे मिसाइल और ड्रोन?

अमेरिकी सैन्य कमान (CENTCOM) ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी हवाई रक्षा प्रणालियों और राडार साइटों पर हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान द्वारा अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के जवाब में यह कार्रवाई जरूरी थी। इसके तुरंत बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय, कुवैत के अली अल सलेम हवाई अड्डे और जॉर्डन के अल-अज़राक हवाई अड्डे को निशाना बनाकर हवाई हमले किए। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि वे किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देंगे और अमेरिका को सुरक्षा के लिए यह क्षेत्र छोड़ देना चाहिए।

जॉर्डन, कुवैत और बहरीन की सेनाओं ने क्या सुरक्षा कदम उठाए?

मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबर आते ही इन तीनों देशों की सेनाएं पूरी तरह अलर्ट हो गईं। जॉर्डन की सेना ने आधिकारिक बयान में कहा कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में ईरान की तरफ से दागे गए 5 मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर हवा में ही नष्ट कर दिया, जिससे कोई नुकसान नहीं हुआ। कुवैत के सैन्य मुख्यालय ने पुष्टि की है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने संदिग्ध हवाई लक्ष्यों का सामना किया है। बहरीन में भी हवाई हमले के अलर्ट जारी किए गए और सुरक्षा प्रणालियों को सक्रिय रखा गया। ईरान के विदेश मंत्रालय ने खाड़ी देशों को याद दिलाया है कि वे अपनी धरती का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए न होने दें।

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों पर क्या असर हो सकता है?

कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं। इस तनाव के बाद हवाई उड़ानों पर असर पड़ने की संभावना है क्योंकि युद्ध जैसी स्थिति में हवाई क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए कड़े नियम लागू किए जाते हैं। हालांकि अभी उड़ानों को रद्द करने की कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई है, लेकिन यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले विमानन कंपनियों के साथ संपर्क बनाए रखें। इस क्षेत्र में काम करने वाले भारतीयों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच ताजा विवाद शुरू होने की मुख्य वजह क्या है?

ईरान द्वारा अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की, जिससे नाराज होकर ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए।

क्या इस हवाई हमले में कोई भारतीय नागरिक प्रभावित हुआ है?

अभी तक इस सैन्य कार्रवाई में किसी भी आम नागरिक या भारतीय प्रवासी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है, क्योंकि अधिकांश मिसाइलों को रास्ते में ही रोक दिया गया था।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.