अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी को खत्म करने के लिए दोनों देश गुप्त तरीके से बातचीत कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों पक्ष अब अंतिम समझौते के बहुत करीब हैं और ड्राफ्ट साझा कर रहे हैं। इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान बीच-बचाव कर रहा है ताकि युद्ध को पूरी तरह रोका जा सके।

अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली डील में क्या शर्तें हैं?

दोनों देशों के बीच एक पेज का 14 पॉइंट वाला समझौता (MOU) तैयार किया जा रहा है। इसका मकसद 28 फरवरी को अमेरिका और इसराइल द्वारा शुरू किए गए युद्ध को खत्म करना है। इस डील में कुछ मुख्य बातें शामिल हैं:

  • ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही पर लगी पाबंदियां हटाएगा।
  • अमेरिका ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी खत्म करेगा।
  • ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम के तहत यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगाएगा।
  • अमेरिका ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाएगा और ईरान के फ्रीज किए गए अरबों डॉलर वापस करेगा।

पाकिस्तान की क्या भूमिका है और आगे क्या होगा?

इस विवाद को सुलझाने में पाकिस्तान अहम भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी फिलहाल ईरान में हैं और बातचीत को आगे बढ़ा रहे हैं। पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर भी 21 मई 2026 को तेहरान जा रहे हैं। हज सीजन खत्म होने के बाद बातचीत का अगला दौर इस्लामाबाद में होने की उम्मीद है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वह ईरान के जवाब का कुछ दिनों तक इंतज़ार करेंगे।

इस समझौते का दुनिया और आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

पूरी दुनिया की तेल सप्लाई का पांचवां हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है। यहां तनाव होने से दुनिया भर में तेल की कीमतों में उछाल आता है जिससे महंगाई बढ़ती है। अमेरिका ने इसराइल की रक्षा के लिए अपने कई एडवांस मिसाइल डिफेंस इंटरसेप्टर इस्तेमाल कर लिए हैं, जिससे उसकी सुरक्षा क्षमता कम हुई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि संकेत अच्छे हैं लेकिन वह अभी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य विवाद क्या है?

मुख्य विवाद अमेरिकी प्रतिबंधों, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और समुद्री रास्तों की नाकाबंदी को लेकर है। अमेरिका ने ईरान के पोर्ट्स को ब्लॉक किया है, जबकि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों का रास्ता रोका है।

पाकिस्तान इस डील में कैसे मदद कर रहा है?

पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी और आर्मी चीफ असीम मुनीर ईरान जाकर मध्यस्थता कर रहे हैं। अगला दौर इस्लामाबाद में आयोजित किया जाएगा।