अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए अमेरिका ने एक नया फ्रेमवर्क समझौता भेजा था। खबर है कि ईरान ने इस पर अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है। ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, इस समय तेहरान में इस समझौते को लेकर बातचीत का दौर चल रहा है। ईरानी पक्ष अमेरिका के पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए इस प्रस्ताव पर फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है और समझौते से ठोस फायदे चाहता है।

अमेरिकी प्रस्ताव में क्या-क्या शर्तें शामिल हैं?

अमेरिका के इस नए प्रस्ताव में जंग को तुरंत रोकने के लिए कई बड़ी बातें शामिल की गई हैं। इसमें मुख्य रूप से दो चरणों में समझौते को लागू करने की बात कही गई है। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने, समुद्री सुरक्षा की गारंटी देने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर पाबंदियां लगाने की शर्त रखी गई है। इसके बदले में ईरान को प्रतिबंधों में थोड़ी राहत देने का प्रस्ताव दिया गया है जिसे ईरान एकतरफा बता रहा है।

ईरान की क्या हैं मुख्य मांगें और शर्तें?

ईरान का कहना है कि वह बातचीत के लिए तभी तैयार होगा जब उसे वास्तविक और ठोस लाभ दिखाई देंगे। ईरान की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  • लेबनान सहित सभी मोर्चों पर चल रही जंग को पूरी तरह से रोका जाए।
  • ईरान पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों को पूरी तरह से खत्म किया जाए।
  • अलग-अलग देशों में फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों को वापस जारी किया जाए।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के संप्रभुता के अधिकारों को स्वीकार किया जाए।

ताजा हालात और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि ईरान के साथ बातचीत बहुत तेज गति से आगे बढ़ रही है। उन्होंने इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और हिजबुल्लाह के प्रतिनिधियों से भी बात की है और दोनों पक्षों ने जंग रोकने पर सहमति जताई है। हालांकि, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची का कहना है कि युद्धविराम तभी माना जाएगा जब यह लेबनान सहित सभी मोर्चों पर पूरी तरह लागू होगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका के फ्रेमवर्क समझौते पर ईरान ने क्या प्रतिक्रिया दी है?

ईरान ने अभी तक इस प्रस्ताव पर अपनी अंतिम मंजूरी नहीं दी है। ईरानी वार्ता दल तेहरान में इस पर चर्चा कर रहा है क्योंकि वे इस प्रस्ताव को एकतरफा मान रहे हैं।

समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर क्या नियम तय किए गए हैं?

प्रस्ताव के अनुसार ईरान को 30 दिनों के भीतर वहां से सभी बारूदी सुरंगें हटानी होंगी और बिना किसी टोल टैक्स के मार्ग खोलना होगा, जिसके बदले में अमेरिका नौसैनिक नाकेबंदी हटाएगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.