अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिका ने कतर और कुछ अन्य विदेशी बैंकों में जमा ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति को छोड़ने पर अपनी मंजूरी दे दी है। यह फैसला दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता के बीच लिया गया है, जिसे ईरान ने सद्भावना की एक परीक्षा बताया है।

ईरान की जमा पूंजी और हॉर्मुज जलडमरूमध्य की शर्त

ईरान का मानना है कि यह कदम स्थायी शांति समझौते की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, संपत्ति को अनफ्रीज करने की यह प्रक्रिया हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों के सुरक्षित गुजरने की शर्त से जुड़ी है। यह शर्त किसी भी स्थायी शांति समझौते के अंतिम रूप लेने से पहले तय की गई है। इससे पहले पाकिस्तान की मध्यस्थता में दो हफ्ते का युद्धविराम हुआ था, जिससे इस समुद्री रास्ते को अस्थायी रूप से खोला गया था।

इस्लामाबाद में शांति वार्ता और मुख्य विवाद

छह हफ्ते से चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के इस्लामाबाद में पहुंचे हैं। ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष मोहम्मद-बागेर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची बातचीत कर रहे हैं, जिन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मुलाकात की। वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने भी बातचीत में हिस्सा लिया और ईरान को चेतावनी दी कि वह वाशिंगटन के साथ खेल न खेले।

बातचीत के मुख्य बिंदु और शर्तें

विषय विवरण
बातचीत का स्थान इस्लामाबाद, पाकिस्तान
ईरान की मुख्य मांग मिडिल ईस्ट से अमेरिकी सेना की वापसी और प्रतिबंधों में छूट
अमेरिका की शर्त परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों पर रियायतें
विवादित मुद्दे हॉर्मुज जलडमरूमध्य और परमाणु संवर्धन कार्यक्रम
वर्तमान स्थिति प्रतिनिधिमंडलों के बीच बातचीत जारी है
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.