अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ा समझौता होने जा रहा है। इस डील में ईरान के उन करोड़ों डॉलर को छोड़ने की बात हो रही है जो लंबे समय से फ्रीज थे। इस मामले में कई देशों की भूमिका सामने आई है और आने वाले कुछ दिनों में इस समझौते पर डिजिटल साइन हो सकते हैं।

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क्या है इस समझौते की मुख्य बातें

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने बताया कि अमेरिका के साथ 14 पॉइंट का एक समझौता (MoU) लगभग फाइनल हो चुका है। इस दस्तावेज में सबसे पहला मुद्दा अमेरिकी नौसेना द्वारा लगाई गई नाकेबंदी को हटाने का है। परमाणु मुद्दे पर बातचीत को दूसरे चरण के लिए टाल दिया गया है। ईरान का कहना है कि उनके फ्रीज किए गए फंड्स का वापस मिलना इस समझौते का सबसे जरूरी हिस्सा है।

अमेरिका की शर्त और पैसों का हिसाब

अमेरिका ने इस डील को लेकर अपनी शर्तें रखी हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि पैसा एक साथ नहीं बल्कि किश्तों में दिया जाएगा। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करता है या नहीं, खासकर यूरेनियम के भंडार को कम करने के मामले में। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस समझौते के तहत 60 दिनों के भीतर करीब 24 अरब डॉलर रिलीज किए जा सकते हैं।

UAE और पाकिस्तान का आधिकारिक बयान

इस बीच UAE के विदेश मंत्रालय ने एक बड़ा बयान जारी किया है। UAE ने उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है जिनमें कहा गया था कि उसने ईरान के 3 अरब डॉलर ट्रांसफर किए हैं। मंत्रालय ने साफ किया कि UAE ने ऐसे किसी भी फंड को रिलीज या ट्रांसफर नहीं किया है। वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि अमेरिका और ईरान के बीच इस समझौते पर साइन करने की प्रक्रिया रविवार, 15 जून 2026 को हो सकती है।

समझौते से जुड़ी अहम जानकारियां

विवरण जानकारी
कुल MoU पॉइंट्स 14 पॉइंट्स
संभावित रिलीज राशि 24 अरब डॉलर
रिलीज की समय सीमा 60 दिन
UAE द्वारा नकारा गया दावा 3 अरब डॉलर ट्रांसफर
साइनिंग की तारीख 15 जून 2026
प्राथमिक मुद्दा नौसेना नाकेबंदी हटाना