अमेरिका और ईरान के बीच सालों से जमी हुई रकम को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. सऊदी अरब के न्यूज़ चैनलों ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच इस रकम को छोड़ने के लिए शुरुआती सहमति बन गई है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने इस खबर को पूरी तरह गलत बताया है.

सऊदी अरब के न्यूज़ आउटलेट्स Al-Hadath और Al Arabiya के मुताबिक, कतर के दोहा शहर में हुई गुप्त बातचीत के बाद यह तय हुआ कि ईरान की 3 अरब डॉलर की जमी हुई रकम जारी की जाएगी. बताया गया कि इस पैसे का इस्तेमाल ईरान अपनी ज़रूरत का मानवीय सामान खरीदने के लिए करेगा और इसका कुछ हिस्सा अमेरिकी बाज़ार से आएगा.

दूसरी तरफ, अमेरिका के अधिकारियों ने इस दावे को खारिज कर दिया है. अमेरिका का कहना है कि जब तक ईरान और अमेरिका के बीच हुए इकरारनामे (MoU) की सभी शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक कोई पैसा नहीं छोड़ा जाएगा. अमेरिकी अधिकारियों ने साफ़ किया है कि अगर कोई रकम जारी होती भी है, तो उससे सिर्फ अमेरिका के खेती से जुड़े उत्पाद ही खरीदे जा सकेंगे.

बातचीत में कौन-कौन शामिल था

दोहा में हुई इन तकनीकी बातचीत में कतर और पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई. अमेरिका की तरफ से स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर दोहा पहुंचे थे. वहीं ईरान की तरफ से राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और विदेश मंत्रालय के कई बड़े अधिकारी इस प्रक्रिया में शामिल रहे. ईरान ने साफ़ किया कि उनकी टीम की अमेरिकी अधिकारियों से सीधे मिलने की कोई योजना नहीं थी.

समझौते की मुख्य बातें

दोनों देशों ने 17 जून 2026 को एक इकरारनामे पर दस्तखत किए थे, जिसके तहत युद्धविराम को 60 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया था. इस समय का इस्तेमाल जमी हुई रकम, प्रतिबंधों में ढील और परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दों को सुलझाने के लिए किया जाना था. इसके अलावा, अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने ‘जनरल लाइसेंस X’ जारी किया था, जिससे ईरान को 21 अगस्त 2026 तक कुछ तेल और शिपिंग का व्यापार करने की इजाज़त मिली थी.

विवरण जानकारी/रकम
सऊदी न्यूज़ के अनुसार जारी होने वाली रकम 3 अरब डॉलर
कतर में ईरान की कुल जमी रकम 12 अरब डॉलर
कतर द्वारा संभावित रिलीज़ रकम 6 अरब डॉलर
इकरारनामे (MoU) पर साइन की तारीख 17 जून 2026
जनरल लाइसेंस X की समय सीमा 21 अगस्त 2026

ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री काज़ेम घड़ीबाबादी ने बताया कि 1 जुलाई को दोहा में हुई मीटिंग का मकसद इकरारनामे को लागू करना था. इस पूरी प्रक्रिया पर नज़र रखने के लिए 2 जुलाई तक ईरान, कतर और पाकिस्तान की एक निगरानी टीम के बीच संपर्क का एक तेज़ चैनल बनाया जाना है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com