खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। 3 जून 2026 को ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर मिसाइलों और ड्रोन से हमले हुए हैं। दोनों देशों के बीच अप्रैल 2026 से एक संघर्ष विराम चल रहा है, लेकिन इस ताजा सैन्य कार्रवाई ने इस समझौते को संकट में डाल दिया है। हालांकि, दोनों ही पक्ष अभी भी यही दावा कर रहे हैं कि संघर्ष विराम लागू है और वे इसका पालन कर रहे हैं।

📰: कुवैत एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 पर भीषण ड्रोन हमला, कई लोग घायल और सभी उड़ानें अचानक की गई बंद

अमेरिकी सेना CENTCOM और ईरान के सैन्य दावे क्या हैं

अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने जानकारी दी है कि उसने 2 और 3 जून को ईरान के Qeshm Island पर बने एक मिलिट्री ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन पर आत्मरक्षा में हमले किए हैं। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान के संभावित हमलों के जवाब में की गई थी। इसके अलावा अमेरिकी सेना ने समुद्र में जा रहे नागरिक जहाजों की सुरक्षा के लिए ईरान के 3 हमलावर ड्रोन मार गिराए हैं। इस पूरी सैन्य कार्रवाई में किसी भी अमेरिकी सैनिक को कोई चोट नहीं आई है।

कुवैत और बहरीन पर हमलों को लेकर क्या है ताजा अपडेट

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC का दावा है कि उसने कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और बहरीन में मौजूद अमेरिकी पांचवें बेड़े के मुख्यालय पर मिसाइलों और ड्रोन से निशाना साधा है। ईरान ने एक इजरायली-अमेरिकी जहाज ‘Panaya’ को भी मिसाइल से निशाना बनाने की बात कही है। दूसरी तरफ, कुवैत की सेना ने पुष्टि की है कि 3 जून को उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने कुछ संदिग्ध मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। अमेरिका ने बहरीन या कुवैत में किसी भी अमेरिकी सैन्य ठिकाने को नुकसान पहुंचने की बात से साफ इनकार किया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम समाप्त हो गया है?

दोनों देश आधिकारिक तौर पर मान रहे हैं कि अप्रैल 2026 में हुआ युद्ध विराम अभी भी लागू है, लेकिन इस ताजा गोलाबारी ने इस समझौते की ताकत को काफी हद तक कम कर दिया है।

कुवैत की सेना ने इस हमले पर क्या जानकारी दी है?

कुवैत की सेना ने आधिकारिक रूप से बताया है कि 3 जून 2026 को उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने देश की सीमा की तरफ आ रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों को सफलतापूर्वक रास्ते में ही नष्ट कर दिया।