खाड़ी क्षेत्र में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं, जहां अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों का दौर जारी है। CENTCOM ने सोमवार, 20 जुलाई 2026 की रात को ईरान के कमांड सेंटर्स, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइटों पर लगातार 10वें दिन हमले किए। इस संघर्ष में अब तक 17 अमेरिकी सैनिक अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि इस महीने लगभग 100 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं।
तनाव का असर और राजनयिक कोशिशें
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक टैंकर पर हमला किया और चालक दल को जहाज छोड़ने पर मजबूर कर दिया। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में भी अमेरिकी संपत्तियों को निशाना बनाने का दावा किया है, जिसके बाद जॉर्डन की सेना ने तीन मिसाइल और पांच ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। हूती विद्रोहियों ने भी सऊदी अरब के शिपमेंट पर नाकेबंदी की घोषणा की है, जिससे समुद्री व्यापार पर गहरा असर पड़ा है।
तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान और कतर के मध्यस्थ लगातार शांति की अपील कर रहे हैं। ईरान के आंतरिक मंत्री Eskandar Momeni ने पाकिस्तान में अधिकारियों के साथ बैठकें शुरू की हैं और 10 दिन के संघर्ष विराम का प्रस्ताव रखा गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने स्पष्ट किया कि अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन ईरान का मौजूदा व्यवहार हमलों का मुख्य कारण है। खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान इस स्थिति को अपने अस्तित्व की लड़ाई मान रहा है, जिसके कारण जल्द किसी समाधान की उम्मीद कम है।
