अमेरिका और ईरान ने आपस में होने वाले हमलों को रोकने और फिर से बातचीत शुरू करने का फैसला किया है. पिछले कुछ दिनों से दोनों देशों के बीच तनाव बहुत बढ़ गया था, जिससे शांति समझौते पर खतरा मंडरा रहा था. अब एक अमेरिकी अधिकारी ने जानकारी दी है कि दोनों पक्ष फिलहाल पीछे हटेंगे और समुद्र के रास्ते को खुला रखा जाएगा.
दोहा में होगी अगली बैठक
अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, तकनीकी बातचीत का अगला दौर मंगलवार, 30 जून 2026 को कतर के दोहा शहर में होगा. इन बातचीत का मुख्य मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जुड़े विवादों को सुलझाना होगा. पहले यह बैठक स्विट्जरलैंड में होनी थी और इसमें परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा होनी थी, लेकिन हालिया तनाव के बाद अब जगह और मुद्दा दोनों बदल गए हैं.
दोनों देशों के बीच 17 जून 2026 को एक 14 पॉइंट का समझौता हुआ था. इस समझौते के तहत सैन्य ऑपरेशन रोकने, व्यापारिक जहाजों के लिए रास्ता खोलने और 60 दिनों के भीतर अंतिम शांति समझौता करने की बात कही गई थी. अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाने और कुछ जमा पैसे छोड़ने पर सहमति जताई थी, जबकि ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने का वादा किया था.
हालिया हमलों से बढ़ा था खतरा
पिछले कुछ दिनों में हालात काफी खराब हो गए थे. ईरान ने व्यापारिक जहाजों पर हमला किया, जिसके जवाब में अमेरिका ने 27 जून को ईरान के तटीय रडार और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. इसके बाद 28 जून की सुबह ईरान ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर दिया.
इस तनाव के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर हमले नहीं रुके तो ईरान का अस्तित्व खत्म हो जाएगा. दूसरी तरफ, ईरान ने शुरू में बातचीत से मना कर दिया था और अपनी जमा राशि को वापस पाने की शर्त रखी थी. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने भी चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिकी हमले जारी रहे तो बातचीत पूरी तरह बंद कर दी जाएगी.
