अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने हॉرमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के ऊपर अमेरिकी सेना के एक हेलीकॉप्टर को मार गिराया है। ट्रंप ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि अमेरिका इस हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह मजबूर है। इस घटना के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
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इस घटना को लेकर अमेरिकी सेना और राष्ट्रपति ट्रंप ने क्या कहा?
यह घटना सोमवार, 8 जून 2026 को शाम करीब 7:30 बजे हुई जब अमेरिकी सेना का एक Apache हेलीकॉप्टर हॉरमुज़ जलडमरूमध्य के पास समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस घटना की पुष्टि की है और मामले की जांच शुरू कर दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 9 जून को बयान जारी कर सीधे ईरान पर निशाना साधा और कहा कि इस हरकत का जवाब देना जरूरी हो गया है। हालांकि, इससे ठीक पहले ट्रंप ईरान के साथ बातचीत को लेकर उम्मीद जता रहे थे और दो-तीन दिनों में समझौता होने की बात कह रहे थे।
पायलटों को कैसे बचाया गया और ईरान की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े की टास्क फोर्स 59 ने एक आधुनिक समुद्री ड्रोन (Corsair surface drone) की मदद से दोनों पायलटों को सुरक्षित बचा लिया है। अमेरिकी सेना के इतिहास में ड्रोन द्वारा किया गया यह पहला ऐसा रेस्क्यू ऑपरेशन है। दोनों पायलट सुरक्षित हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। दूसरी तरफ, ईरान की सरकारी मीडिया ने विदेशी खबरों के हवाले से इस घटना की जानकारी तो दी है, लेकिन इसकी जिम्मेदारी लेने या कोई आधिकारिक पुष्टि करने से अभी दूरी बनाई हुई है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई है और सभी से शांति की अपील की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिकी हेलीकॉप्टर हादसे में पायलटों की क्या स्थिति है?
हादसे के शिकार हुए दोनों अमेरिकी पायलटों को घटना के करीब दो घंटे के भीतर सुरक्षित बचा लिया गया। यूएस नेवी के एक खास समुद्री ड्रोन ने उन्हें रेस्क्यू किया और वर्तमान में दोनों की हालत स्थिर है।
इस घटना पर संयुक्त राष्ट्र का क्या कहना है?
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस घटना के बाद मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की है और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
