US-Iran Tension: अमेरिका ने 27 जहाजों को वापस भेजा, ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज का रास्ता, तनाव के बीच जब्त हुआ एक जहाज
अमेरिका और ईरान के बीच समुद्र में तनाव बहुत बढ़ गया है। US ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी है, जिससे जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ा है। अब तक 27 जहाजों को वापस मोड़ा जा चुका है और एक ईरानी कार्गो जहाज को जबरन पकड़ लिया गया है।
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अमेरिका ने अब तक कितने जहाजों को रोका और क्या कार्रवाई की
US ने 13 अप्रैल 2026 को ईरान की तरफ जाने वाले जहाजों के लिए नाकाबंदी शुरू की थी। अमेरिका का कहना है कि वह सिर्फ उन जहाजों को रोक रहा है जो ईरान के बंदरगाहों में जा रहे हैं या वहां से निकल रहे हैं। 20 अप्रैल तक की जानकारी के मुताबिक, US ने कुल 27 जहाजों को वापस भेज दिया है।
इस बीच 19 अप्रैल को अमेरिका ने Touska नाम के एक ईरानी कार्गो जहाज को पकड़ लिया। इस जहाज ने नाकाबंदी से बचने की कोशिश की थी, जिसके बाद US के युद्धपोत ‘Spruance’ ने इसके इंजन सिस्टम पर हमला कर इसे बेकार कर दिया। फिलहाल US मरीन इस जहाज की तलाशी ले रहे हैं।
ईरान ने रास्ता क्यों बंद किया और उसका क्या कहना है
ईरान ने इस स्थिति पर पलटकर जवाब दिया है। हालांकि 17 अप्रैल को ईरान ने रास्ता खुला बताया था, लेकिन 18 अप्रैल को उसने फिर से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का ऐलान कर दिया। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका अपनी नाकाबंदी नहीं हटाता, वह रास्ता नहीं खोलेगा।
ईरान की सेना ने रेडियो संदेश (VHF) के जरिए सभी जहाजों को चेतावनी दी है कि किसी भी देश का जहाज अब इस रास्ते से नहीं गुजर सकेगा। ईरान के संसदीय स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबाफ ने साफ कहा है कि अमेरिका की इस हरकत का ईरान कड़ा जवाब देगा।
तनाव की पूरी टाइमलाइन और नियम
इस पूरे मामले में पिछले कुछ दिनों में जो कुछ हुआ, उसकी जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:
| तारीख | क्या हुआ |
|---|---|
| 13 अप्रैल 2026 | अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी की घोषणा की |
| 17 अप्रैल 2026 | ईरान ने रास्ता कुछ समय के लिए खुला बताया |
| 18 अप्रैल 2026 | ईरान ने रास्ता फिर से पूरी तरह बंद कर दिया |
| 19 अप्रैल 2026 | US ने ईरानी जहाज ‘Touska’ को जब्त किया |
| 20 अप्रैल 2026 | US ने कुल 27 जहाजों को वापस भेजने की पुष्टि की |
अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून (UNCLOS) के मुताबिक, होर्मुज एक अंतरराष्ट्रीय रास्ता है जहाँ सभी जहाजों को आने-जाने की आजादी होनी चाहिए। लेकिन अमेरिका और ईरान दोनों ने इस कानून पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। अमेरिका का कहना है कि वह सिर्फ ईरान को टारगेट कर रहा है, जबकि ईरान इसे अपनी समुद्री सीमा का उल्लंघन मान रहा है।