US और ईरान के बीच तनाव बढ़ा, Trump ने किया सीज़फ़ायर बढ़ाने का ऐलान, Hormuz स्ट्रेट पर दुनिया की नज़र
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है। Strait of Hormuz को लेकर दोनों देशों में भारी खींचतान चल रही है, जिससे ग्लोबल एनर्जी सेक्टर और अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है। इसी बीच US राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ सीज़फ़ायर की समय सीमा बढ़ाने का फैसला किया है ताकि शांति बातचीत के लिए और समय मिल सके।
Hormuz स्ट्रेट में क्या हुआ और अब क्या स्थिति है?
तनाव की शुरुआत 13 अप्रैल 2026 को हुई जब US Central Command ने ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में जहाजों के आने-जाने पर नाकेबंदी कर दी। इसके जवाब में ईरान ने 19 अप्रैल को Strait of Hormuz को पूरी तरह बंद कर दिया और कुछ जहाजों पर हमले किए। अमेरिका ने ईरान के तेल उद्योग पर नए प्रतिबंध भी लगाए थे। 22 अप्रैल को Donald Trump ने सीज़फ़ायर बढ़ाने की बात कही है, लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक शांति समझौता नहीं हो जाता।
नियम क्या हैं और देशों ने क्या चेतावनी दी है?
संयुक्त राष्ट्र और इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन ने अमेरिका की इस नाकेबंदी को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया है। वहीं, ईरान की IRGC ने चेतावनी दी है कि केवल उन्हीं कमर्शियल जहाजों को रास्ता मिलेगा जो ईरान द्वारा तय किए गए रूट का पालन करेंगे। डोनाल्ड Trump ने चेतावनी दी है कि अगर ईरानी अटैक बोट्स नाकेबंदी के करीब आईं, तो उन्हें तुरंत खत्म कर दिया जाएगा। पाकिस्तान में होने वाली शांति बातचीत भी इन तनावों की वजह से मुश्किल दौर से गुजर रही है।