अमेरिकी सेना की सख्त चेतावनी और नाकेबंदी के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही जारी है। ईरान से जुड़े कुछ जहाज इस रास्ते से गुजरते देखे गए हैं, जबकि अमेरिका ने इस पूरे इलाके में कड़ी निगरानी रखी हुई है। इस तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना ने कुछ तेल टैंकरों को रोककर उन्हें वापस लौटने का आदेश भी दिया है।
कौन से जहाज गुजरे और क्या है पूरा मामला?
समुद्री ट्रैकिंग रिपोर्ट्स के मुताबिक, 13 अप्रैल को लाइबेरियाई ध्वज वाला जहाज Christianna 74,000 टन मक्का उतारने के बाद इस रास्ते से निकला। वहीं, कोमोरोस ध्वज वाला जहाज Elpis 31,000 टन मेथनॉल लेकर ईरान के बुशहर पोर्ट से गुजरा। हालांकि, 14 अप्रैल को अमेरिकी नौसेना के एक विध्वंसक ने दो तेल टैंकरों को रोका और उन्हें वापस ईरान भेजने का निर्देश दिया।
अमेरिका और ईरान के बीच क्या चल रहा है विवाद?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी लागू की है। अमेरिकी सेना ने साफ किया है कि ईरानी पोर्ट से निकलने वाले हर जहाज की जांच होगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों को कब्जा में लिया जा सकता है। दूसरी तरफ, ईरान ने इसे समुद्री डकैती बताया है और कहा है कि अंतरराष्ट्रीय जल में जहाजों को रोकना गैरकानूनी है।
नाकेबंदी से जुड़ी अहम जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नाकेबंदी की तारीख | 13 अप्रैल, 2026 |
| अमेरिकी सेना की तैनाती | 10,000 से ज्यादा सैनिक और कई युद्धपोत |
| प्रतिबंध की समयसीमा | 19 अप्रैल के बाद तेल प्रतिबंध लागू होंगे |
| मानवीय मदद | भोजन और दवाइयों को अनुमति मिलेगी |
