अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बड़ी बातचीत शुरू हुई है। यह मुलाकात एक नाजुक युद्धविराम के बीच हो रही है ताकि इलाके में शांति लाई जा सके। दोनों देशों के बड़े नेता इस समय वहां मौजूद हैं और तनाव को घटाने के रास्ते खोज रहे हैं।

ℹ️: Pakistan Diplomacy: इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान की बड़ी बैठक, पीएम शहबाज शरीफ और जेडी वेंस ने की मुलाकात, क्षेत्रीय शांति की कोशिश

अमेरिका और ईरान की मुख्य मांगें क्या हैं?

अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करे और यूरेनियम का संवर्धन रोकना होगा। इसके साथ ही अमेरिका ने साफ कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों का आना-जाना बिना किसी रोक-टोक के चलता रहे।

दूसरी तरफ, ईरान की मांग है कि लेबनान में इजरायली सैन्य अभियान रुकना चाहिए और लेबनान में युद्धविराम होना चाहिए। इसके अलावा ईरान चाहता है कि कतर और अन्य विदेशी बैंकों में उसके जमा किए गए पैसे (frozen assets) वापस दिए जाएं।

बातचीत में कौन शामिल हैं और क्या है लक्ष्य?

अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर आए हैं। ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची मौजूद हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और विदेश मंत्री इस पूरी प्रक्रिया में मदद कर रहे हैं।

इस बैठक का मुख्य लक्ष्य फिलहाल कोई बहुत बड़ा समझौता करना नहीं है। दोनों देशों की कोशिश यह है कि इतनी सहमति बन जाए जिससे भविष्य में बातचीत जारी रखी जा सके। सुरक्षा के लिहाज से इस्लामाबाद में काफी इंतजाम किए गए हैं और सार्वजनिक छुट्टियां भी घोषित की गई हैं।

विवरण जानकारी
स्थान इस्लामाबाद, पाकिस्तान
मुख्य तारीख 11 अप्रैल 2026
युद्धविराम की अवधि 8 अप्रैल से 22 अप्रैल 2026
अमेरिकी नेतृत्व उपराष्ट्रपति JD Vance
ईरानी नेतृत्व मोहम्मद बाकर कालिबाफ और अब्बास अराघची
सुविधा प्रदाता पाकिस्तान सरकार
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.