कतर की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर अप्रत्यक्ष बातचीत होने जा रही है। यह बातचीत दोनों देशों के बीच हुए समझौते को लागू करने और ईरान के फ्रीज किए गए पैसों को जारी करने को लेकर होगी। कतर की राजधानी दोहा में होने वाली इस बातचीत के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल वहां पहुंच चुके हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में दोनों देशों के बीच हुए समझौते के नियमों को अमलीजामा पहनाने पर चर्चा की जाएगी।

क्या है यह पूरा मामला और समझौता

पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच 18 जून 2026 को एक समझौता लागू हुआ था। इस समझौते के तहत दोनों देशों को आपसी मुद्दों जैसे प्रतिबंधों में ढील, परमाणु कार्यक्रम और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने जैसे मामलों को सुलझाने के लिए 60 दिनों का समय मिला है। इस समझौते के नियमों के तहत अमेरिका को ईरान के फ्रीज किए गए पैसों तक उसकी पहुंच आसान बनानी है। इसी सिलसिले में बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए बुधवार, 1 जुलाई 2026 को दोहा में बैठक रखी गई है।

6 बिलियन डॉलर के फंड पर फंसा है पेंच

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने जानकारी दी थी कि कतर में मौजूद ईरान के 6 अरब डॉलर जारी होने वाले हैं, जो कि कुल 12 अरब डॉलर के ईरानी फंड का हिस्सा हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने भी इस राशि की पुष्टि की है और कहा है कि इस पैसे का उपयोग ईरानी नागरिकों के लिए अमेरिकी खाद्य उत्पाद खरीदने में किया जाएगा। हालांकि, कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने स्पष्ट किया है कि अभी तक कोई पैसा ट्रांसफर नहीं किया गया है। पैसा तभी जारी होगा जब दोनों देशों के बीच इस पर अंतिम सहमति बनेगी।

सीधी बातचीत से ईरान का साफ इनकार

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने साफ किया है कि उनका तकनीकी प्रतिनिधिमंडल दोहा में केवल कतर के अधिकारियों के साथ बातचीत करेगा। उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों के साथ किसी भी सीधी बैठक से पूरी तरह इनकार किया है। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने भी पुष्टि की कि अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर दोहा पहुंच चुके हैं, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच कोई सीधी उच्च स्तरीय बैठक तय नहीं की गई है। दोनों पक्षों के बीच केवल अप्रत्यक्ष और तकनीकी स्तर की बातचीत ही जारी रहेगी।