अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए एक बीच का रास्ता निकाला गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ऐलान किया है कि ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है. इस समझौते की खबर आते ही दुनिया भर के बाजारों में हलचल मच गई और तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई है.

👉: UAE Healthcare New Rule: प्राइवेट हेल्थकेयर में अब 50% Emiratisation टारगेट स्पेशलाइज्ड रोल के लिए, MoHRE ने दिए निर्देश

हस्ताक्षर और तारीख

इस अंतरिम समझौते को President Trump, उपराष्ट्रपति JD Vance और ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने पहले ही इलेक्ट्रॉनिक तरीके से साइन कर दिया है. अब इसका फॉर्मल साइनिंग प्रोग्राम शुक्रवार, 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड के जेनेवा शहर में होगा. ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर Majid Takht-Ravanchi ने कन्फर्म किया है कि ईरान के टॉप बातचीत करने वाले Mohammad Bagher Ghalibaf इस मौके पर वहां मौजूद रहेंगे.

समझौते की मुख्य बातें

ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi के मुताबिक यह समझौता 14 पॉइंट्स पर आधारित है. इसकी सबसे बड़ी बात यह है कि अमेरिका अब ईरान के बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी हटा लेगा. इस डील में कुछ और जरूरी शर्तें भी शामिल हैं:

  • ईरान अगले 60 दिनों तक Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों से कोई चार्ज नहीं लेगा और उन्हें बिना रुकावट आने-जाने देगा.
  • समझौते के कागजों पर साइन होते ही ईरान की जमी हुई संपत्ति (Frozen Assets) वापस कर दी जाएगी.
  • दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए हैं कि सभी मोर्चों पर लड़ाई खत्म होगी और कोई भी देश एक-दूसरे पर हमला नहीं करेगा.

लेबनान और इसराइल का विवाद

ईरान का कहना है कि इस डील का मतलब यह है कि इसराइल को लेबनान छोड़ना होगा. विदेश मंत्री Araghchi ने चेतावनी दी कि अगर इसराइल लेबनान की जमीन पर बना रहा, तो यह समझौते का उल्लंघन माना जाएगा. वहीं, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ कह दिया है कि उनकी सेना लेबनान, गाजा और सीरिया के कुछ हिस्सों में बनी रहेगी और वह लेबनान से जुड़ी शर्तों को नहीं मानेंगे.

आगे क्या होगा

19 जून को स्विट्जरलैंड में साइनिंग के तुरंत बाद परमाणु कार्यक्रम (Nuclear Program) को लेकर नई बातचीत शुरू होगी. अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने उम्मीद जताई है कि UN के परमाणु इंस्पेक्टर फिर से ईरान जाएंगे. इस पूरी डील को करवाने में पाकिस्तान और कतर ने अहम भूमिका निभाई है. अमेरिका और ईरान की टीमें इस हफ्ते दोहा, कतर में मीटिंग कर रही हैं ताकि साइनिंग की तैयारियों को पूरा किया जा सके.