अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के बीच एक अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने इस खबर की पुष्टि की है। इस समझौते से दुनिया भर में तनाव कम होने और व्यापार बढ़ने की उम्मीद है।

इस समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर शुक्रवार, 19 जून 2026 को होने की संभावना है। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने तारीख को लेकर थोड़ी अनिश्चितता जताई है, उन्होंने कहा कि यह गुरुवार या शुक्रवार को हो सकता है।

अमेरिकी अधिकारियों ने इस समझौते के कुछ मुख्य बिंदु साझा किए हैं। इसके तहत ईरान के यूरेनियम के स्तर को कम करने का एक नया मानक तय किया गया है। साथ ही, लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने और वहां इज़राइल और हिज़बुल्लाह के बीच लड़ाई खत्म करने की बात कही गई है।

इस डील के बाद Strait of Hormuz को फिर से खोला जाएगा, जिससे अगले 60 दिनों तक बिना किसी टोल के जहाजों का आना-जाना होगा। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा बढ़ावा मिलेगा। ईरान को कुछ प्रतिबंधों में ढील मिलेगी और उसके पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर के फंड की संभावना है।

यह एक अंतरिम समझौता है, जिसके तहत परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए आगे की बातचीत के लिए 60 दिनों का समय दिया गया है। इस समय को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

इस समझौते से इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को बड़ा झटका लगा है। वहीं कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney ने इस डील को गेम चेंजर बताया है।

डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि इस समझौते का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी परमाणु हथियार न बना पाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर अंतिम समझौता संतोषजनक नहीं रहा, तो फिर से बमबारी शुरू हो जाएगी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.