अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ी खबर सामने आई है। दोनों देशों ने एक अंतरिम समझौते (MoU) पर डिजिटल हस्ताक्षर किए हैं, जिससे व्यापार और सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर रास्ता साफ हुआ है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने इस बातचीत को सफल बताया है।

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इस समझौते के तहत अब अमेरिका ईरान के कच्चे तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की बिक्री के लिए छूट देगा। इसके साथ ही ईरान के अरबों डॉलर के जमी हुए एसेट्स (Frozen Assets) को भी वापस छोड़ने की बात हुई है। 20 जून 2026 को दोनों देशों के प्रतिनिधि इस समझौते की बारीकियों को तय करने के लिए Switzerland पहुंचे, जिसमें Pakistan और Qatar ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई।

Strait of Hormuz और तेल की सप्लाई

दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की सप्लाई होने वाले Strait of Hormuz को फिर से खोलने पर सहमति बनी है। अमेरिका ने वहां से अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने का फैसला किया है। हालांकि, ईरान ने दावा किया कि उसने इस रास्ते को बंद किया था, जिसे अमेरिका ने गलत बताया। राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि अगर 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका इस रास्ते पर टोल टैक्स लगा सकता है।

परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय शांति

समझौते में यह भी तय हुआ है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा। International Atomic Energy Agency (IAEA) ईरान के यूरेनियम भंडार की निगरानी करेगा। इसके अलावा, अमेरिका और कतर की कोशिशों से Israel और Hezbollah के बीच भी युद्ध रोकने पर सहमति बनी है, जिससे मध्य पूर्व में शांति की उम्मीद जगी है।

अब दोनों देशों के पास अंतिम समझौते तक पहुँचने के लिए 60 दिनों का समय है, जिसमें मुख्य रूप से प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाने और परमाणु कार्यक्रम की शर्तों पर बात होगी।

Sushma Kumari

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