अमेरिका और ईरान ने लंबे समय से चल रही जंग को खत्म करने का फैसला किया है। राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने ‘Islamabad Memorandum of Understanding’ पर दूर बैठे ही साइन कर दिए हैं। इस समझौते के बाद अब इलाके में शांति लौटने की उम्मीद जगी है।

ℹ️: USA का बड़ा खुलासा, ईरान के खिलाफ युद्ध में इस्तेमाल किया Grok AI, 96 घंटे में 2000 ठिकानों को बनाया निशाना

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने बुधवार को बताया कि यह समझौता अब पूरी तरह आधिकारिक हो गया है क्योंकि इसे वॉशिंगटन और तेहरान दोनों ने साइन कर लिया है। इस पूरे मामले में पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई है और प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने 12 जून 2026 को सबसे पहले इस समझौते की जानकारी दी थी। इसके अलावा कतर, सऊदी अरब और तुर्की ने भी बातचीत में मदद की है।

इस समझौते की कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • लेबनॉन समेत सभी मोर्चों पर सैन्य ऑपरेशन तुरंत और हमेशा के लिए बंद किए जाएंगे।
  • अमेरिका ईरान के बंदरगाहों पर लगी अपनी नौसैनिक नाकाबंदी को हटाना शुरू करेगा और 30 दिनों के भीतर इसे पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।
  • ईरान अगले 60 दिनों तक Strait of Hormuz से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों से कोई शुल्क नहीं लेगा।
  • ईरान के लिए 300 अरब डॉलर का फंड बनाया जाएगा और उस पर लगे प्रतिबंधों में राहत दी जाएगी।
  • अंतिम समझौता होने के 30 दिनों के भीतर अमेरिका अपनी सेना को ईरान के आसपास के इलाकों से हटा लेगा।

जानकारी के मुताबिक, इस डॉक्यूमेंट पर 14 जून को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से साइन किए गए थे। अब 19 जून को स्विट्जरलैंड में एक औपचारिक समारोह होगा, जहाँ इसे आधिकारिक तौर पर साइन किया जाएगा। राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि वह इस समारोह में खुद शामिल हो सकते हैं।

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि अगर इस समझौते को पूरी तरह लागू किया गया, तो यह देश के लिए गर्व की बात होगी। हालांकि, परमाणु कार्यक्रम जैसे जटिल मुद्दों पर बातचीत बाद में की जाएगी। फिलहाल दोनों देशों का ध्यान सैन्य टकराव को खत्म करने पर है।