अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक अचानक रद्द हो गई है। पहले खबरें आई थीं कि दोनों देशों के प्रतिनिधि पाकिस्तान में मिल सकते हैं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस यात्रा को रोक दिया। इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में काफी हलचल मच गई है।
डोनाल्ड ट्रम्प ने मीटिंग क्यों रद्द की?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी। राष्ट्रपति ने इसके पीछे कारण बताया कि यात्रा में बहुत समय बर्बाद हो रहा था और काम का बोझ बहुत ज्यादा था। इसके अलावा उन्होंने ईरान के नेतृत्व के अंदर चल रही आपसी लड़ाई और भ्रम को भी इस फैसले की वजह बताया। हालांकि, इससे पहले व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने कहा था कि अमेरिकी दूत पाकिस्तान जाकर सीधी बातचीत करेंगे, जिसमें पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभाएगा।
ईरान और पाकिस्तान की क्या प्रतिक्रिया रही?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची पाकिस्तान में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगभग 20 घंटे की बैठक के बाद ओमान के लिए रवाना हो गए। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकायी ने साफ किया कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी बैठक की कोई योजना नहीं थी और पाकिस्तानी अधिकारी केवल संदेश पहुंचाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने क्षेत्रीय स्थिति पर एक सकारात्मक चर्चा की।
ईरान की चेतावनी और आंतरिक विवाद
- ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखी, तो वे इसका करारा जवाब देंगे।
- ईरान के अंदर बातचीत के तरीके को लेकर विवाद चल रहा है, जिसमें संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबाफ और IRGC कमांडर ब्रिगेडियर जनरल अहमद वहिदी की राय अलग-अलग है।
- कमांडर अहमद वहिदी बातचीत के मामले में अधिक सख्त रुख अपनाने के पक्ष में हैं।
- दोनों देशों के बीच एक अस्थायी युद्धविराम लागू था, लेकिन तनाव के कारण उसकी स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।