अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने घोषणा की है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के लिए मंगलवार, 30 जून 2026 को Doha में एक बड़ी बैठक होगी. यह मीटिंग कतर की राजधानी में होगी जिसमें दोनों देशों के बड़े अधिकारी शामिल होंगे. इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव को कम करना और आपसी समझौतों पर बात करना है.

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व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Karoline Leavitt ने बताया कि राष्ट्रपति Trump के खास Envoy, Steve Witkoff और Jared Kushner इस हाई-लेवल मीटिंग में हिस्सा लेंगे. बताया गया है कि इस मुख्य चर्चा के साथ-साथ कुछ तकनीकी बातचीत भी हो सकती है.

मीटिंग का मुख्य एजेंडा

अमेरिका प्रशासन के मुताबिक, इस बैठक की मांग ईरान की तरफ से की गई थी. मीटिंग में मुख्य रूप से उन बातों पर चर्चा होगी जो जून की शुरुआत में दोनों देशों के बीच एक समझौते (Memorandum of Understanding) में तय हुई थीं. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस चर्चा में Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने और तनाव घटाने पर ध्यान दिया जाएगा.

ईरान का अलग दावा

जहां एक तरफ अमेरिका ने बैठक का ऐलान किया है, वहीं ईरान के अधिकारियों की बातों में फर्क दिख रहा है. ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर Kazem Gharibabadi ने इस हफ्ते किसी भी तकनीकी बातचीत या नई मीटिंग होने से इनकार किया है. हालांकि, उन्होंने यह माना कि कतर के साथ सलाह-मशविरा जारी है.

तनाव और फ्रीज हुए पैसे

यह सारी हलचल उस समय हो रही है जब पिछले हफ्ते फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में दोनों देशों के बीच आपसी हमले हुए थे. इससे पहले हुआ शांति समझौता काफी कमजोर पड़ गया था, जिसे बचाने के लिए दोनों पक्ष व्यापारिक जहाजों को रास्ता देने पर सहमत हुए थे.

दूसरी तरफ, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने सोमवार को बताया कि कतर में जमा ईरान के 6 अरब डॉलर के फ्रीज किए गए पैसे अब जारी किए जाएंगे. उन्होंने इसे ईरानी लोगों की बड़ी जीत बताया है. यह पैसा अमेरिका के साथ हुए बीच के समझौते के तहत वापस मिल रहा है.