अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रही तनातनी को खत्म करने के लिए एक बड़ी कोशिश हुई है. शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने आमने-सामने बैठकर बातचीत की. यह मुलाकात 1979 की क्रांति के बाद अब तक की सबसे ऊंची स्तर की बैठक मानी जा रही है.

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मीटिंग में कौन-कौन शामिल था?

इस मीटिंग में अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance के साथ स्पेशल एनवॉय Steve Witkoff और राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद Jared Kushner शामिल हुए. वहीं ईरान की तरफ से संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf और विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने नेतृत्व किया. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने इस पूरी मुलाकात की मेजबानी की और उम्मीद जताई कि इससे इलाके में शांति आएगी.

दोनों देशों की मुख्य शर्तें और बयान

बातचीत के दौरान दोनों देशों ने अपनी बात मजबूती से रखी. जहां अमेरिका ने सहयोग का हाथ बढ़ाया, वहीं ईरान ने कुछ कड़ी शर्तें सामने रखीं. मुख्य बातें नीचे टेबल में दी गई हैं:

पक्ष मुख्य बयान/शर्त
अमेरिका (JD Vance) अगर ईरान ईमानदारी से बात करेगा तो अमेरिका मदद के लिए तैयार है, लेकिन अमेरिका को धोखा न दिया जाए.
ईरान (Ghalibaf) लेबनान में इसराइल युद्धविराम करे और ईरान के फ्रीज किए गए पैसे वापस मिलें, तभी बात आगे बढ़ेगी.
डोनाल्ड ट्रंप ईरान सैन्य रूप से हार चुका है और अमेरिका Strait of Hormuz को साफ कर रहा है.
पाकिस्तान दोनों देशों की बातचीत से क्षेत्र में स्थायी शांति आने की उम्मीद है.

क्या बातचीत सफल रही?

बातचीत शुरू तो हो गई है लेकिन कुछ मुद्दों पर अब भी भारी मतभेद हैं. ईरान चाहता है कि उसके जमा किए गए पैसे वापस मिलें, जबकि अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात से साफ इनकार किया है कि वे पैसे छोड़ने पर सहमत हुए हैं. लेबनान में इसराइल और हिज़बुल्लाह के बीच जारी हमलों की वजह से भी शांति समझौता मुश्किल लग रहा है. फिलहाल दोनों पक्ष बातचीत के जरिए रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.