US-Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच समझौता खत्म होने की कगार पर, गाजा शांति वार्ता भी अटकी.

अमेरिका और ईरान के बीच हुआ महत्वपूर्ण समझौता आने वाले Monday, August 17, 2026 को खत्म होने जा रहा है। इस समझौते को आगे बढ़ाने को लेकर दोनों देशों के बीच कोई बात नहीं बनी है और दोनों एक-दूसरे पर नियमों का पालन न करने का आरोप लगा रहे हैं। राष्ट्रपति Donald Trump और राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian द्वारा साइन किए गए इस 60 दिन के समझौते का मकसद सैन्य अभियानों को पूरी तरह रोकना, अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना और होर्मुज जलडमरूमध्य में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को साफ करना था। लेकिन अब हालात काफी बदल गए हैं और दोनों देशों के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण और अमेरिकी चेतावनी
ईरान के अधिकारियों ने हाल ही में फिर से होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना पूरा नियंत्रण होने की बात कही है। दूसरी तरफ, अमेरिका के ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने संकेत दिया है कि इस हफ्ते के दौरान ईरान पर और नए आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। ईरान का यह रुख इस बात की ओर इशारा करता है कि वे अब आक्रामक सैन्य नीति की तरफ बढ़ रहे हैं। इस स्थिति के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और काम करने वाले प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल बन गया है, क्योंकि किसी भी सैन्य तनाव का सीधा असर इस क्षेत्र की सुरक्षा पर पड़ता है।
गाजा शांति योजना और काहिरा की बैठक
एक तरफ जहां अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहरा रहा है, वहीं दूसरी तरफ गाजा शांति योजना को लेकर भी क्षेत्रीय तनाव लगातार बना हुआ है। काहिरा में अमेरिकी दूत Jared Kushner और हमास के नेताओं के बीच इस मुद्दे पर लंबी चर्चा हुई। हमास ने औपचारिक रूप से अमेरिका समर्थित बोर्ड ऑफ पीस से अपील की है कि वे इस्राइल पर दबाव बनाएं ताकि वह युद्धविराम के रोडमैप को पूरी तरह माने। इस शांति योजना के तहत हमास को हथियार डालने हैं और एक नई गवर्निंग कमेटी को सत्ता सौंपनी है।
इस्राइल का रुख और शांति वार्ता में रुकावट
इन तमाम चर्चाओं और अपीलों के बावजूद, इस्राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu का रुख साफ है। उन्होंने कहा है कि जब तक हमास पूरी तरह अपने हथियार नहीं छोड़ देता, तब तक इस्राइल अपनी सेना को पीछे नहीं हटाएगा। इस वजह से 15-point peace initiative यानी 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव अभी पूरी तरह रुका हुआ है। अमेरिकी दूत जेरेड कुशनर अब इस मामले में आगे की बातचीत के लिए इस्राइल जाने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि इस गतिरोध को खत्म करने का कोई रास्ता निकाला जा सके।