अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब और बढ़ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक US अब ईरान के साथ एक लंबी सैन्य जंग के लिए तैयारी कर रहा है, जो कई दिनों या हफ़्तों तक चल सकती है। यह पूरा विवाद होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर है, जहाँ जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखने के लिए अमेरिका ने ईरान पर बड़े हमले किए हैं।

US Central Command (CENTCOM) ने बताया कि उन्होंने ईरान के करीब 90 ठिकानों को निशाना बनाया है। इन हमलों में मिसाइलों और ड्रोन के स्टोरेज सेंटर और एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह किया गया है। अमेरिका का कहना है कि वह ईरान की उन क्षमताओं को खत्म करना चाहता है जिससे वह समुद्री रास्तों पर खतरा पैदा करता है।

राष्ट्रपति Donald Trump ने 8 जुलाई 2026 को ऐलान किया कि ईरान के साथ हुआ अंतरिम समझौता या युद्धविराम अब खत्म हो चुका है। उन्होंने ईरान पर कमर्शियल जहाजों के साथ गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया। Trump ने यह भी कहा कि हालांकि वह इसे पूरी जंग में नहीं बदलना चाहते, लेकिन अगर ईरान नहीं रुका तो वह वहां के तेल, बिजली और पानी के इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी हमला कर सकते हैं।

इस हमले के बाद ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि उनके एक फायर फाइटर की मौत हो गई है। यह हमला दक्षिण-पूर्वी ईरान के Iranshahr Airport पर हुआ था। इसके अलावा दक्षिणी ईरान में हुए हमलों में 8 सैन्य कर्मियों के मारे जाने की खबर है।

इस तनाव का असर आस-पास के देशों पर भी दिख रहा है। Bahrain ने बताया कि ईरान की तरफ से आम लोगों को निशाना बनाने वाले हवाई हमलों को उन्होंने बीच में ही रोक दिया। इस दौरान Bahrain और Kuwait दोनों देशों में एयर रेड सायरन बजाए गए, जिससे लोग सहम गए।

ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Qalibaf ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि डराने और धमकाने का दौर अब खत्म हो चुका है और वे झुकेंगे नहीं। दूसरी तरफ International Maritime Organization (IMO) के सेक्रेटरी जनरल Arsenio Dominguez ने इन हमलों की निंदा की और सभी देशों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.