अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा टकराव अब और ज़्यादा बढ़ गया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ईरान के खिलाफ अब जो सैन्य हमले हो रहे हैं, वे पहले के मुकाबले कहीं ज़्यादा बड़े हैं। साल 2026 में दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
हाल ही में 27 जून को अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल स्टोरेज, ड्रोन बनाने वाली जगहों और तटीय रडार सिस्टम पर हमले किए। यह हमला 26 जून को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में कार्गो शिप Ever Lovely पर हुए ईरानी ड्रोन हमले का जवाब था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे युद्धविराम समझौते का उल्लंघन बताया था।
यह पूरा विवाद फरवरी 2026 से तेज़ हुआ था। 28 फरवरी को अमेरिका और इसराइल ने मिलकर एक बड़ा ऑपरेशन चलाया था ताकि ईरान की सैन्य ताकत को कम किया जा सके। इस ऑपरेशन में हाई काउंसलर अली खमनेई की मौत हो गई थी।
इसके बाद 7 मार्च को तेहरान और इस्फ़हान में भी हमले हुए। जवाब में ईरान ने कुवैत, बहरीन, जॉर्डन और कतर में मौजूद अमेरिकी बेस और इसराइल के कई ठिकानों पर अपनी बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। इस पूरी लड़ाई में अब तक अमेरिका ने अपने 13 सैनिकों को खोया है।
