अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों के दौर ने पूरी दुनिया के तेल बाजार को हिला दिया है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। इस टकराव का सीधा असर ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर पड़ा है जिससे तेल महंगा हो गया है।

27 जून 2026 को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हमले किए। अमेरिका ने बताया कि ईरान लगातार कमर्शियल जहाजों को निशाना बना रहा था और Strait of Hormuz में दो जहाजों पर हमले के बाद यह कार्रवाई की गई। इसके जवाब में ईरान ने भी पलटवार किया और वीकेंड के दौरान कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए।

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 28 जून को ईरान को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने ceasefire समझौते का उल्लंघन किया तो इसके नतीजे बहुत भयानक होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो अमेरिका इस सैन्य अभियान को पूरा करेगा और तब ईरान का अस्तित्व खत्म हो जाएगा।

कच्चे तेल की कीमतों का हाल

इन सैन्य हमलों की वजह से 29 जून 2026 को कच्चे तेल के दाम बढ़ गए। बाजार में यह डर फैल गया कि Strait of Hormuz से तेल की सप्लाई बाधित हो सकती है।

तेल का प्रकार कीमत (प्रति बैरल) बढ़ोतरी (%)
Brent Crude $72.35 – $73.21 0.5% – 0.9%
WTI Crude $69.93 – $70.07 1.0% – 1.21%

बता दें कि दोनों देशों ने 21 जून 2026 को एक अंतरिम शांति समझौता किया था, जिसके तहत 60 दिनों तक बातचीत होनी थी। इससे पहले जून की शुरुआत में एक MOU साइन हुआ था ताकि Strait of Hormuz को दोबारा खोला जा सके। यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि यहाँ से दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता है।

ताज़ा जानकारी के मुताबिक, 28 जून को अमेरिकी अधिकारियों ने खबर दी कि अमेरिका और ईरान दोनों ने अब एक-दूसरे पर हमले रोकने का फैसला किया है। इस विवाद को खत्म करने के लिए 30 जून 2026 को दोनों पक्ष Qatar में बैठक करेंगे। हालांकि, ईरान के टॉप डिप्लोमैट ने चेतावनी दी है कि अगर जहाजों ने उनके तय रास्तों को बायपास करने की कोशिश की तो इलाके में तनाव और बढ़ेगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.