अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले संभावित समझौते (MoU) को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते के ड्राफ्ट में बड़े बदलावों की मांग की है, जिसमें परमाणु प्रतिबद्धताओं और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर सख्त शर्तें शामिल की गई हैं। वहीं दूसरी तरफ, ईरान ने साफ कर दिया है कि अभी बातचीत चल रही है और किसी भी समझौते पर पहुंचने का दावा करना महज एक अफवाह है।

डोनाल्ड ट्रंप ने रखीं सख्त शर्तें, समझौते में बदलाव की मांग

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ होने वाले समझौते के मसौदे में कुछ कड़े बदलाव करने की मांग की है। ट्रंप चाहते हैं कि परमाणु कार्यक्रम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों के आने-जाने पर सख्त नियम लागू किए जाएं। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने भी स्पष्ट किया है कि कोई भी समझौता तब तक मंजूर नहीं होगा जब तक वह राष्ट्रपति ट्रंप की तय सीमाओं को पूरा नहीं करता। इससे पहले अमेरिकी सरकार ने साफ किया था कि ईरान को परमाणु हथियार न बनाने, होर्मुज में बिना किसी टैक्स के जहाज आवाजाही की अनुमति देने और नौसैनिक बारूदी सुरंगें हटाने जैसी शर्तें पूरी करनी होंगी।

ईरान का बड़ा बयान, कहा- हवा में चल रही हैं डील की बातें

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी ने कहा है कि अमेरिका के साथ बातचीत और संदेशों का आदान-प्रदान अभी जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक बातचीत किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंच जाती, तब तक समझौते की बातें करना केवल अटकलें हैं। वहीं ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बगेर गालिबफ ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि ईरान ऐसे किसी समझौते को स्वीकार नहीं करेगा जो उसके देश के लोगों के अधिकारों की गारंटी न देता हो। उन्होंने कहा कि ईरानी वार्ताकार अमेरिका के वादों पर आसानी से भरोसा नहीं करते। इसके अलावा ईरान ने पर्यावरण चिंताओं का हवाला देते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की बात भी कही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की क्या शर्तें हैं?

डोनाल्ड ट्रंप ने मांग की है कि ईरान कभी परमाणु हथियार विकसित न करे, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बिना किसी शुल्क के जहाजों के लिए खुला रखे, समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाए और संवर्धित यूरेनियम के भंडार को नष्ट करने में सहयोग करे।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी का इस बातचीत पर क्या कहना है?

ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत और संदेशों का आदान-प्रदान चल रहा है, लेकिन किसी भी अंतिम नतीजे पर पहुंचने से पहले समझौते की अफवाहों पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए।