अमेरिका और ईरान ने आपस में समझौता कर लिया है, जिससे पूरी दुनिया में शांति लौटने की उम्मीद जगी है. भारत सरकार ने इस फैसले का स्वागत किया है क्योंकि इससे तेल की कीमतों में कमी आ सकती है और सामानों की सप्लाई फिर से शुरू हो पाएगी. यह समझौता आम आदमी की जेब और अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है.

इस समझौते को Islamabad Memorandum of Understanding के नाम से जाना जा रहा है. इसे 14 जून 2026 को तैयार किया गया था और 17 जून 2026 को अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने डिजिटल तरीके से साइन किया. इस डील के बाद करीब चार महीने से चल रही जंग अब थम गई है.

समझौते की मुख्य बातें

इस समझौते में 14 पॉइंट्स शामिल किए गए हैं, जिसमें लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत रोकने की बात कही गई है. दोनों देशों के बीच 60 दिनों का युद्धविराम (ceasefire) लागू किया गया है, ताकि परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों जैसे मुद्दों पर अंतिम फैसला लिया जा सके.

मुख्य प्रावधान विवरण
समझौते की तारीख 14-17 जून 2026
युद्धविराम की अवधि 60 दिन
Strait of Hormuz तुरंत खुला, 60 दिन तक टोल-फ्री
अमेरिकी नाकाबंदी 30 दिनों के भीतर पूरी तरह हटा ली जाएगी
ईरान का पुनर्निर्माण 300 बिलियन डॉलर का फंड
तेल निर्यात 60 दिनों के लिए प्रतिबंध हटाए गए (21 जून से)

भारत पर क्या होगा असर

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 15 जून 2026 को इस शांति समझौते का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में स्थिरता आने से व्यापार और जहाजों की आवाजाही आसान होगी. भारत के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA) Ajit Doval ने 23 जून को ब्रिक्स बैठक में इस पर अपनी राय दी. उन्होंने बताया कि इस डील से भारत की एनर्जी सिक्योरिटी मजबूत होगी.

Strait of Hormuz के खुलने से खाद और केमिकल जैसे जरूरी सामानों की सप्लाई चेन की रुकावटें खत्म होंगी. इससे भारत में तेल और गैस की कीमतों पर दबाव कम होगा, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को फायदा होगा और रुपये की कीमत में मजबूती आ सकती है.

ईरान और अमेरिका का रुख

ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने इस डिप्लोमैटिक कोशिश की तारीफ की, हालांकि उन्होंने अमेरिका पर भरोसा न होने की बात भी कही. वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने इसे एक सफल डील की नींव बताया. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने इस समझौते का उल्लंघन किया, तो अमेरिका फिर से सैन्य अभियान शुरू कर देगा.

ईरान ने इस बात पर सहमति जताई है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और अंतिम समझौते के बाद अपने यूरेनियम के लेवल को कम करेगा.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.