अमेरिका और ईरान के बीच हो सकता है समझौता, 60 दिनों में साइन होगा MOU, पाकिस्तान करा रहा है बीच-बचाव
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही दुश्मनी अब खत्म होने की राह पर है. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देश जल्द ही एक शुरुआती समझौते यानी MOU पर साइन कर सकते हैं. पाकिस्तान इस पूरी बातचीत में बीच-बचाव कर रहा है और अगले 60 दिनों में एक बड़ा फैसला आने की उम्मीद है.
इस समझौते में क्या तय हो सकता है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बताया कि दोनों देश डील के बहुत करीब हैं. खबर है कि ईरान ने 20 साल से ज्यादा समय तक परमाणु हथियार न बनाने का ऑफर दिया है. इसके बदले में अमेरिका ईरान के फ्रीज़ किए गए पैसों को वापस कर सकता है और उस पर लगी पाबंदियां हटा सकता है. व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Karoline Leavitt ने भी इस बातचीत को लेकर उम्मीद जताई है.
बातचीत में कौन सी मुश्किलें आ रही हैं?
दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दों पर अभी सहमति नहीं बनी है. इनमें ईरान का परमाणु प्रोग्राम और यूरेनियम का स्टॉक मुख्य है. इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना और युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा देना भी बड़ी चुनौतियां हैं. ईरान के विदेश मंत्रालय ने फिलहाल सीजफायर बढ़ाने की खबरों को महज अफवाह बताया है.
| संबंधित पक्ष/संस्था | ताजा अपडेट |
|---|---|
| Donald Trump | कहा कि अमेरिका और ईरान डील के बहुत करीब हैं |
| ईरान | 20 साल तक परमाणु हथियार न बनाने का प्रस्ताव दिया |
| पाकिस्तान | मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और बातचीत की मेजबानी कर रहा है |
| व्हाइट हाउस | संघर्ष खत्म करने के लिए बातचीत पर सकारात्मक रुख |
| ईरान विदेश मंत्रालय | सीजफायर बढ़ाने की खबरों को अफवाह बताया |
| रॉयटर्स | 60 दिनों के भीतर MOU साइन होने की खबर दी |
| इजराइल-लेबनान | 17 अप्रैल से 10 दिन का सीजफायर लागू हुआ |