अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को खत्म करने के लिए एक बड़ा समझौता हुआ है। दोनों देशों ने एक आपसी सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे अब युद्ध रुकने और शांति लौटने की उम्मीद है। इस फैसले से सबसे बड़ी राहत समुद्री रास्तों को मिलेगी, जो जल्द ही सभी जहाजों के लिए फिर से खुल जाएंगे।

ℹ️: US President Donald Trump का ऐलान, Gulf देशों में अभी और रुकेगी अमेरिकी सेना, ईरान के साथ डील पर बड़ी खबर

समझौते की मुख्य बातें और तारीखें

इस समझौते पर 14 जून 2026 को डिजिटल तरीके से साइन किए गए थे। अब इसका औपचारिक कार्यक्रम शुक्रवार, 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड के जेनेवा शहर में होगा। अमेरिकी अधिकारियों ने बुधवार, 17 जून को इस समझौते के 14 मुख्य पॉइंट्स के बारे में जानकारी दी है।

समझौते की शर्तें:

  • लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य अभियान तुरंत और हमेशा के लिए बंद होंगे।
  • अगले 60 दिनों के भीतर एक अंतिम समझौते पर बातचीत की जाएगी।
  • अंतिम समझौता होने के 30 दिनों के अंदर अमेरिका अपनी नौसेना और सेना को ईरान के करीब से हटा लेगा।
  • अगले 60 दिनों तक व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा।
  • अमेरिका, ईरान को कच्चा तेल निर्यात करने के लिए विशेष छूट देगा।

नेताओं के बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि यह डील पूरी हो चुकी है और शुक्रवार से Strait of Hormuz को सभी जहाजों के लिए खोल दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि यह एक अंतरिम समझौता है, अंतिम डील नहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने नियमों का पालन नहीं किया, तो बमबारी फिर से शुरू हो सकती है।

वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि समझौते का पूरा टेक्स्ट शुक्रवार तक जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि अमेरिका ने ईरान की जमी हुई संपत्ति वापस की है या कोई प्रतिबंध हटाया है।

पैसा और अन्य मदद

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के पुनर्निर्माण और निवेश के लिए 300 अरब डॉलर का एक प्राइवेट फंड बनाया गया है, जिसमें से आधे से ज्यादा पैसा जुटा लिया गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि इस ऐतिहासिक समझौते पर राष्ट्रपति Trump और राष्ट्रपति Pezeshkian खुद साइन कर सकते हैं।

मध्यस्थता और मौजूदा स्थिति

इस डील को करवाने में पाकिस्तान और कतर ने मुख्य भूमिका निभाई है। इनके अलावा सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की भी इस टीम का हिस्सा थे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने भी इस समझौते की पुष्टि की है।

इस बीच कुछ भ्रम की स्थिति भी देखी गई, जहां आधिकारिक साइनिंग से पहले ही ईरान के कुछ टैंकर अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी वाली लाइन को पार करते हुए नजर आए।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.