अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है। राष्ट्रपति Donald Trump और उपराष्ट्रपति JD Vance ने ईरान के साथ एक MoU (समझौता ज्ञापन) पर साइन किए हैं। इस डील के तहत ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम और हथियारों की जांच करवाने पर राजी होना होगा।

🚨: US-Iran Deal: ट्रंप का बड़ा ऐलान, ईरान के पास नहीं होंगे परमाणु हथियार, Strait of Hormuz होगा दोबारा खुला

डिजिटल तरीके से हुई साइनिंग

उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि यह समझौता रविवार, 14 जून 2026 को डिजिटल तरीके से साइन किया गया था। अब आने वाले शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में एक औपचारिक कार्यक्रम होगा, जहां दोनों पक्ष मिलकर इस पर हस्ताक्षर करेंगे।

शर्तों के साथ मिलेगी राहत

इस समझौते की कुछ खास बातें सामने आई हैं, जिन्हें आम भाषा में इस तरह समझा जा सकता है:

  • प्रतिबंधों में ढील: ईरान पर लगे प्रतिबंध तभी हटेंगे जब वह परमाणु हथियारों का प्रोग्राम पूरी तरह बंद करेगा।
  • कोई पैसा नहीं: JD Vance ने साफ किया है कि यह डील काम के आधार पर है। उन्होंने कहा कि अभी कोई पैसा जारी नहीं किया गया है और ऐसा होगा भी नहीं जब तक शर्तें पूरी नहीं होतीं।
  • आतंकवाद पर रोक: ईरान को आतंकी गतिविधियों को फंड देना बंद करना होगा और एक सामान्य देश की तरह व्यवहार करना होगा।

तेल जहाजों के लिए रास्ता खुला

राष्ट्रपति Donald Trump ने जानकारी दी कि इस समझौते के असर से Strait of Hormuz (हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य) को फिर से खोला जा रहा है। तेल टैंकर और अन्य जहाज अब इस रास्ते से गुजरने लगे हैं और शुक्रवार तक इसे पूरी तरह खोल दिया जाएगा। ट्रंप ने इस दस्तावेज को बहुत ताकतवर बताया है और कहा कि जल्द ही इसे सबके सामने लाया जाएगा।

इन देशों ने निभाई अहम भूमिका

इस समझौते को करवाने में पाकिस्तान ने मुख्य भूमिका निभाई है। इसमें कतर और कुछ अन्य देशों का भी पूरा समर्थन रहा। स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने भी इस कदम का स्वागत किया है और कहा कि यह तनाव कम करने की दिशा में एक जरूरी कदम है।

ईरान की तरफ से इस समझौते पर ‘स्पीकर गोलियथ’ यानी Mohammad Bagher Ghalibaf ने साइन किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, गालिबफ के पास इस डील को फाइनल करने के लिए ईरान के सुप्रीम लीडर और नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की पूरी मंजूरी थी।