अमेरिका और ईरान के बीच सालों से चली आ रही दुश्मनी अब खत्म हो सकती है। दोनों देश एक समझौते (MOU) पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं, जिसके लिए स्विट्जरलैंड में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। यह ऐतिहासिक मुलाकात 19 जून को होने वाली है।
स्विट्जरलैंड का विदेश मंत्रालय इस पूरी प्रक्रिया में मदद कर रहा है। यह साइनिंग सेरेमनी स्विट्जरलैंड के Burgenstock रिज़ॉर्ट में होगी। इस बैठक में अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के साथ-साथ दोनों देशों के कई बड़े अधिकारी शामिल होंगे।
समझौते की मुख्य बातें
इस समझौते का मुख्य मकसद युद्ध को रोकना और Strait of Hormuz के समुद्री रास्ते को फिर से खोलना है। राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि इस डील का सबसे जरूरी हिस्सा ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है। इस समझौते के बाद 60 दिनों तक बातचीत होगी, जिसमें परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों को हटाने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। इस पूरी डील को करवाने में पाकिस्तान और कतर ने बीच-बचाव का काम किया है।
सैनिकों की तैनाती का दावा
सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें आई हैं कि इस साइनिंग साइट की सुरक्षा के लिए स्विट्जरलैंड सरकार ने 2,000 सैनिकों को तैनात किया है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि किसी बड़े न्यूज़ आउटलेट या सरकारी स्रोत ने नहीं की है।
उल्लेखनीय है कि उसी समय पास ही में G7 समिट चल रही थी, जिसके लिए स्विट्जरलैंड की सेना ने करीब 4,000 जवानों को सुरक्षा ड्यूटी पर लगाया था। मुमकिन है कि इस वजह से सैनिकों की तैनाती को लेकर खबरें आईं।
- तारीख: 19 जून 2026
- जगह: Burgenstock रिज़ॉर्ट, स्विट्जरलैंड
- मुख्य उद्देश्य: युद्ध रोकना और संबंधों को सामान्य करना
- मध्यस्थ देश: पाकिस्तान और कतर