अमेरिका और ईरान के बीच एक अहम समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। US उपराष्ट्रपति JD Vance ने जानकारी दी कि बुधवार रात को यहाँ से 12.5 मिलियन बैरल तेल गुजरा। युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक यह सबसे ज्यादा तेल की मात्रा है।
यह पूरी प्रक्रिया US राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के बीच हुए एक समझौते (MOU) के बाद संभव हुई। इस दस्तावेज़ पर बुधवार, 17 जून 2026 को इलेक्ट्रॉनिक साइन किए गए थे। इसके बाद अमेरिका ने गुरुवार, 18 जून को ईरानी जहाजों पर लगी अपनी नौसैनिक नाकाबंदी को पूरी तरह हटा लिया है। हालांकि, सुरक्षा के लिए अमेरिकी नौसेना के जहाज अभी भी इलाके में तैनात रहेंगे।
अगले 60 दिनों तक चलेगी बातचीत
उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि अंतिम समझौते के लिए 60 दिनों की बातचीत की समय सीमा गुरुवार से शुरू हो गई है। उन्होंने साफ किया कि फाइनल डील में ईरान के यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) पर रोक लगाई जाएगी और उसके मिसाइलों की रेंज को भी सीमित किया जाएगा। इस समझौते का इजरायली अधिकारियों ने विरोध किया है, लेकिन Vance ने कहा कि यह फैसला अमेरिकी जनता और पूरे क्षेत्र के लिए फायदेमंद है।
तेल की कीमतों और अन्य अपडेट
इस अंतरिम समझौते और तेल की सप्लाई फिर से शुरू होने की खबर से गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट आई है। इस डील को करवाने में पाकिस्तान और कतर ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है।
- 17 जून 2026: अमेरिका और ईरान के बीच MOU पर साइन हुए।
- 18 जून 2026: अमेरिकी सेना ने नौसैनिक नाकाबंदी हटाई और बातचीत का 60 दिनों का दौर शुरू हुआ।
- 19 जून 2026: व्हाइट हाउस ने बताया कि उपराष्ट्रपति Vance की स्विट्जरलैंड यात्रा तकनीकी कारणों से टल गई है।
राष्ट्रपति Donald Trump ने इस समझौते का स्वागत किया है और होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी टोल के खोलने का ऐलान किया। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अगर ईरान ने शर्तों का उल्लंघन किया, तो अमेरिका फिर से सैन्य अभियान शुरू कर देगा।