US Iran Blockade: अमेरिका ने ईरान की आर्थिक कमर तोड़ी, समुद्र में लगाया नाका, परमाणु हथियारों पर सख्त हुआ ट्रंप प्रशासन

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी रणनीति को और सख्त कर दिया है। ट्रंप प्रशासन ने ईरान के बंदरगाहों की पूरी तरह से घेराबंदी कर दी है, जिससे वहां का समुद्री व्यापार लगभग ठप हो गया है। व्हाइट हाउस के अधिकारी Stephen Miller ने कहा कि इस कदम से ईरान की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो जाएगी। अमेरिका का मुख्य मकसद ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना और उसे समझौते के लिए मजबूर करना है।

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अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी क्यों की?

CENTCOM कमांडर Admiral Brad Cooper ने बताया कि ईरान के बंदरगाहों की पूरी तरह से नाकेबंदी कर दी गई है। इस ऑपरेशन के तहत Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर अमेरिकी सेना का कब्जा है। इस पूरी कार्रवाई को केवल 36 घंटे के भीतर लागू कर दिया गया। Stephen Miller के मुताबिक, यह कदम अमेरिकी समुद्री ताकत को बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए उठाया गया है।

ईरान पर आर्थिक दबाव और अन्य देशों पर असर क्या होगा?

Treasury Secretary Scott Bessent ने इस आर्थिक दबाव को एक तरह का वित्तीय बमबारी अभियान बताया है। अमेरिका उन सभी वित्तीय संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई करेगा जो ईरान की मदद कर रहे हैं। इस संबंध में चीन, हांगकांग, UAE और ओमान के बैंकों को चेतावनी दी गई है। अगर इन देशों के बैंक ईरान के साथ व्यापार जारी रखते हैं, तो उन पर Secondary Sanctions लगाए जा सकते हैं।

परमाणु हथियारों और समझौते पर क्या है ताजा अपडेट?

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राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कर दिया है कि वह ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे। हाल ही में इस्लामाबाद में बातचीत हुई थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। ईरान ने यूरेनियम संवर्धन के लिए 5 साल की मोहलत मांगी थी, जिसे ट्रंप प्रशासन ने पूरी तरह खारिज कर दिया। अमेरिका अब यूरेनियम संवर्धन पर स्थायी प्रतिबंध चाहता है और इसके लिए कड़े विकल्प टेबल पर रखे हुए हैं।