अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब समुद्र तक पहुँच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान से जुड़े संदिग्ध जहाजों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं और हाल ही में MT Tiffany नाम के जहाज को अपने कब्ज़े में ले लिया है। इस वजह से दुनिया भर के व्यापार और जहाजों के आने-जाने पर बड़ा असर पड़ रहा है।
🚨: Syria के राष्ट्रपति Ahmed Al-Sharaa पहुंचे Jeddah और Riyadh, सऊदी क्राउन प्रिंस से करेंगे मुलाकात।
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ क्या बड़ी कार्रवाई की है?
अमेरिकी नौसेना ने ईरान की तरफ जाने वाले या वहां से आने वाले जहाजों के लिए समुद्री नाकाबंदी कर दी है। CENTCOM ने साफ किया है कि यह नियम उन सभी जहाजों पर लागू होगा जो ईरानी पानी में जा रहे हैं। इसके साथ ही, अमेरिकी सेना ने MT Tiffany नाम के जहाज को पकड़ लिया है क्योंकि वह प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आदेश दिया है कि जो जहाज ईरान को गैरकानूनी टैक्स देंगे, उन्हें बीच समुद्र में ही रोक लिया जाएगा।
समुद्री विवाद और अब तक की बड़ी घटनाएँ
समुद्र में चल रहे इस तनाव को समझने के लिए नीचे दी गई तालिका देखें:
| तारीख | बड़ी घटना |
|---|---|
| 11 अप्रैल 2026 | USS Frank E. Peterson और USS Michael Murphy ने बारूदी सुरंगें हटाना शुरू किया |
| 13 अप्रैल 2026 | CENTCOM ने नौसैनिक नाकाबंदी लागू की |
| 13-14 अप्रैल 2026 | राष्ट्रपति ट्रम्प ने गैरकानूनी टोल देने वाले जहाजों को रोकने का आदेश दिया |
| 17 अप्रैल 2026 | फ्रांस और ब्रिटेन ने 40 देशों के साथ समुद्री सुरक्षा पर बैठक की |
| 21 अप्रैल 2026 | IMO चीफ ने नेविगेशन की आजादी को जरूरी बताया |
| 21 अप्रैल 2026 | अमेरिकी सेना ने MT Tiffany जहाज को कब्जे में लिया |
आम लोगों और व्यापार पर इसका क्या असर होगा?
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है, जिससे तेल और माल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है। ईरान ने मांग की है कि जब तक अमेरिका यह नाकाबंदी नहीं हटाता, वह बातचीत में शामिल नहीं होगा। वहीं, फ्रांस और ब्रिटेन ओमान में एक सेंटर बनाने की योजना बना रहे हैं ताकि जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जा सके और बारूदी सुरंगों को हटाया जा सके।
