US-Iran War Update: अमेरिका ने ईरान की घेराबंदी की, समुद्र से व्यापार रोका, सेना अब नए हथियारों से हो रही तैयार
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। US CENTCOM ने ईरान के समुद्री रास्तों पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है जिससे वहां का व्यापार रुक गया है। सेना प्रमुख Admiral Brad Cooper ने बताया कि इस समय सेना अपनी रणनीति बदल रही है और हथियारों को फिर से लोड किया जा रहा है ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।
ईरान की समुद्री घेराबंदी और इसका असर क्या है?
CENTCOM ने 13 अप्रैल 2026 से ईरान के सभी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी है। इस कार्रवाई के बाद मात्र 36 घंटों के भीतर ईरान का समुद्री व्यापार लगभग बंद हो गया। ईरान की अर्थव्यवस्था का 90 फीसदी हिस्सा समुद्री व्यापार पर निर्भर है, इसलिए इस फैसले से वहां भारी असर पड़ेगा। हालांकि, अमेरिका ने साफ किया है कि Strait of Hormuz से गुजरने वाले अन्य देशों के जहाजों को कोई परेशानी नहीं होगी। 16 अप्रैल को USS Spruance ने एक ईरानी जहाज को वापस ईरान भेजने पर मजबूर किया, जिससे पता चलता है कि घेराबंदी सख्ती से लागू है।
सेना अब क्या तैयारी कर रही है और ‘Operation Epic Fury’ क्या था?
Admiral Brad Cooper ने बताया कि दो हफ्ते के युद्धविराम (ceasefire) के दौरान अमेरिकी सेना अपने हथियारों को अपडेट कर रही है और लड़ने के तरीकों में बदलाव कर रही है। इससे पहले 28 फरवरी से 9 अप्रैल 2026 तक ‘Operation Epic Fury’ चलाया गया था। इस बड़े ऑपरेशन में अमेरिका और इसराइल ने मिलकर ईरान पर 13,000 से ज्यादा हमले किए थे, जिससे ईरान की सैन्य क्षमता काफी कम हो गई थी।
क्या अब फिर से युद्ध शुरू होगा?
अमेरिका के Secretary of War Pete Hegseth ने चेतावनी दी है कि सेना अब और ज्यादा ताकत के साथ तैयार है। अगर ईरान शांति समझौते को स्वीकार नहीं करता है, तो अमेरिका फिर से बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है। 11 अप्रैल को Islamabad में दोनों देशों के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन कोई समझौता नहीं हो पाया। इसी वजह से अमेरिका ने समुद्री नाकेबंदी का रास्ता चुना। वहीं चीन ने अमेरिका को भरोसा दिया है कि वह ईरान को हथियार नहीं देगा।
| विवरण | तारीख/जानकारी |
|---|---|
| Operation Epic Fury की अवधि | 28 फरवरी से 9 अप्रैल 2026 |
| कुल हवाई हमले | 13,000 से ज्यादा |
| युद्धविराम (Ceasefire) की शुरुआत | 7 अप्रैल 2026 |
| इस्लामाबाद बातचीत | 11 अप्रैल 2026 (नाकाम रही) |
| समुद्री घेराबंदी की शुरुआत | 13 अप्रैल 2026 |
| ईरानी अर्थव्यवस्था पर असर | समुद्री व्यापार 90% प्रभावित |