अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब बहुत बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी शुरू कर दी है, जिससे पूरी दुनिया में खलबली मच गई है। पाकिस्तान की कोशिशों के बाद भी दोनों देशों के बीच युद्ध रोकने की बातचीत नाकाम रही। अब इस सैन्य कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी बहस छिड़ गई है।

अमेरिका ने असल में क्या कदम उठाया है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी सोमवार, 14 अप्रैल 2026 से लागू हो गई है। ट्रंप ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी जहाज़ इस घेराबंदी को निशाना बनाएगा, उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा। वहीं CENTCOM ने साफ़ किया कि यह घेराबंदी सिर्फ ईरान के बंदरगाहों के लिए है, न कि पूरे Strait of Hormuz के लिए। अमेरिका का कहना है कि गैर-ईरानी बंदरगाहों को जाने वाले जहाज़ों के रास्ते में कोई रुकावट नहीं आएगी।

ईरान ने इस कार्रवाई पर क्या प्रतिक्रिया दी?

ईरान ने अमेरिका के इस फैसले को पूरी तरह गलत और इसे ‘समुद्री डकैती’ बताया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि Strait of Hormuz अभी भी उनके पूरे नियंत्रण में है। उन्होंने साफ़ कहा कि गैर-सैन्य जहाज़ों के लिए रास्ता खुला है, लेकिन सैन्य जहाज़ों को कड़ा जवाब दिया जाएगा। ईरान ने यह भी चेतावनी दी कि अगर उनके बंदरगाहों की सुरक्षा को खतरा हुआ, तो इस पूरे इलाके का कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा।

अंतरराष्ट्रीय कानून और इसके बड़े जोखिम क्या हैं?

अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञ Douglas Guilfoyle और अन्य जानकारों ने इस स्थिति पर अपनी राय दी है। उनके अनुसार, समुद्र की इस तरह की घेराबंदी को अंतरराष्ट्रीय कानून में युद्ध की कार्रवाई माना जाता है।

  • कानूनी विवाद: अमेरिका और ईरान दोनों ही UNCLOS (समुद्र के कानून) के सदस्य नहीं हैं, जिससे मामला और उलझ गया है।
  • मानवीय खतरा: जानकारों का कहना है कि अगर इस घेराबंदी की वजह से आम जनता को ज़रूरी सामान या मदद नहीं मिलती, तो इसे गैर-कानूनी माना जा सकता है।
  • युद्ध की स्थिति: घेराबंदी शुरू होने का मतलब है कि अब किसी भी तरह के ceasefire या शांति समझौते की उम्मीद कम हो गई है।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com