US का ईरान पर बड़ा प्रहार, बंदरगाहों की घेराबंदी अनिश्चित काल तक रहेगी, स्टीफन मिलर ने Fox News पर किया खुलासा
अमेरिका ने ईरान के समुद्री रास्तों और बंदरगाहों की पूरी तरह से घेराबंदी कर दी है। व्हाइट हाउस के सलाहकार स्टीफन मिलर ने एक इंटरव्यू में बताया कि यह नाकाबंदी अनिश्चित काल तक जारी रह सकती है। इस बड़े कदम से ईरान की आर्थिक हालत खराब होने की आशंका है और पूरी दुनिया की नजरें अब इस तनाव पर टिकी हैं।
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अमेरिका ने आखिर ऐसा क्यों किया और क्या है इसका असर?
स्टीफन मिलर ने कहा कि इस घेराबंदी का मकसद ईरान की आर्थिक कमर तोड़ना है ताकि वह परमाणु हथियार न बना सके। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि वह शांति चाहते हैं, लेकिन ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को बर्दाश्त नहीं करेंगे। एडमिरल ब्रैड कूपर के अनुसार, लागू होने के पहले 48 घंटों में कोई भी जहाज ईरान के बंदरगाहों में दाखिल या बाहर नहीं जा सका। अमेरिका ने अब ईरान पर और भी कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर ली है।
ईरान की क्या प्रतिक्रिया है और क्या खतरा बढ़ गया है?
ईरान ने इस कार्रवाई को गलत बताया है और कड़े जवाब की चेतावनी दी है। ईरान के सैन्य सलाहकार मोहसिन रज़ाई ने कहा कि उनके मिसाइल लॉन्चर तैयार हैं और वे अमेरिकी युद्धपोतों को डुबो सकते हैं। ईरान ने यह भी धमकी दी है कि अगर घेराबंदी नहीं हटी, तो वह रेड सी, फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के व्यापारिक रास्तों को बंद कर देगा। इससे खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार करने वालों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
आगे क्या होगा और क्या बातचीत की कोई गुंजाइश है?
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इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता नाकाम रही है। दोनों देशों के बीच चल रहा युद्ध विराम 22 अप्रैल को खत्म हो जाएगा और राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे आगे बढ़ाने से मना कर दिया है। अमेरिका की शर्त है कि ईरान पूरी तरह से परमाणु कार्यक्रम बंद करे और समुद्री रास्तों को खोले। वहीं ईरान ने अपनी शर्तों पर बात करने की कोशिश की, जिसे व्हाइट हाउस ने खारिज कर दिया।