अमेरिका ने ईरान के सभी बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी है और अब इस नाकेबंदी को एक महीना पूरा हो गया है। इस वजह से Strait of Hormuz में जहाजों का आना-जाना बहुत मुश्किल हो गया है और तनाव चरम पर है। पूरी दुनिया की नजरें अब इस बात पर हैं कि यह टकराव किस दिशा में जाएगा।
अमेरिका की नाकेबंदी और CENTCOM की सख्त कार्रवाई
United States Central Command (CENTCOM) ने बताया कि नाकेबंदी लागू होने के बाद अब तक 67 कमर्शियल जहाजों को ईरान के बंदरगाहों से दूर रहने के लिए रास्ता बदलना पड़ा। सेना ने केवल 15 मानवीय सहायता जहाजों को ही निकलने दिया और 4 जहाजों को नियमों का पालन कराने के लिए रोका। अमेरिका ने ‘Operation Economic Fury’ के तहत वहां 15,000 सैनिक, 200 विमान और 20 युद्धपोत तैनात कर रखे हैं। 12 और 13 मई को अमेरिकी सेना ने दो कमर्शियल जहाजों को चेतावनी देने के लिए हवाई फायरिंग भी की ताकि वे वापस मुड़ सकें।
ईरान का पलटवार और नए कड़े नियम
ईरान ने इस कार्रवाई का कड़ा जवाब देते हुए 14 मई को ऐलान किया कि अब अमेरिकी हथियार Strait of Hormuz के रास्ते क्षेत्रीय ठिकानों तक नहीं पहुंच सकेंगे। ब्रिगेडियर जनरल Mohammad Akraminia ने साफ कहा कि अब से हर जहाज को ईरान की सेना की निगरानी में ही गुजरना होगा। वहीं ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि ईरान किसी भी दुश्मन के आगे नहीं झुकेगा और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा मजबूती से करेगा। ईरान ने शांति के लिए एक प्रस्ताव भी दिया है जिसमें अमेरिकी नाकेबंदी खत्म करने और जमी हुई संपत्तियों को वापस करने की मांग की गई है।
खाड़ी देशों की चिंता और समुद्री जोखिम
इस तनाव का असर पूरे Gulf क्षेत्र पर पड़ रहा है। Saudi Arabia, UAE, Kuwait, Bahrain, Qatar और Jordan ने मिलकर United Nations को पत्र लिखकर ईरान की इन हरकतों की निंदा की है। 14 मई को एक खबर आई कि UAE तट के पास एक जहाज को जब्त कर लिया गया और उसे ईरान की तरफ ले जाया गया। 28 फरवरी से अब तक इस इलाके में 42 समुद्री हादसे हो चुके हैं और 6 मई के बाद से जहाजों की आवाजाही लगभग शून्य हो गई है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने इस बात पर सहमति जताई है कि दुनिया की ऊर्जा सप्लाई के लिए Strait of Hormuz का खुला रहना जरूरी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही पर क्या असर पड़ा है
नाकेबंदी के कारण जहाजों का रास्ता बहुत सीमित हो गया है। 6 मई के बाद से यहां से गुजरने वाले जहाजों की संख्या लगभग शून्य हो गई है और 28 फरवरी से अब तक 42 समुद्री घटनाएं दर्ज की गई हैं।
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कौन सा ऑपरेशन चलाया है
अमेरिका ने ‘Operation Economic Fury’ चलाया है जिसके तहत 15,000 सैनिक, 200 विमान और 20 युद्धपोत तैनात कर ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी की गई है।
