अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी नौसैनिक घेराबंदी को हटाने का बड़ा ऐलान किया है। रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इसकी घोषणा की। हालांकि इस नाकेबंदी को हटाने के बदले ट्रंप ने ईरान के सामने परमाणु हथियारों को हमेशा के लिए छोड़ने और होर्मुज जलमार्ग को बिना किसी फीस के तुरंत खोलने जैसी कई बड़ी शर्तें रखी हैं। इस घोषणा के बाद भी क्षेत्र में सुरक्षा और शांति को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

डोनाल्ड ट्रंप ने नाकेबंदी हटाने के लिए कौन सी शर्तें रखी हैं?

ट्रंप ने साफ किया है कि ईरान से समुद्री घेराबंदी तभी हटाई जाएगी जब वह अमेरिका की शर्तों को पूरा करेगा। इन शर्तों में निम्नलिखित बातें शामिल हैं:

  • ईरान को परमाणु हथियारों का विचार पूरी तरह छोड़ना होगा।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बिना किसी टोल या ट्रांजिट फीस के तुरंत जहाजों के लिए खोलना होगा।
  • समुद्र में बिछाई गई सभी बारूदी सुरंगों (Sea Mines) को 30 दिनों के भीतर साफ करना होगा।
  • ईरान में मौजूद यूरेनियम को अमेरिका, ईरान और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के सहयोग से बाहर निकाला जाएगा और फिर उसे नष्ट किया जाएगा।

ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक सिचुएशन रूम में अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक ईरान के लिए कोई भी रोकी गई धनराशि जारी नहीं की जाएगी।

समझौते को लेकर अधिकारियों की क्या है प्रतिक्रिया?

इस पूरे घटनाक्रम पर अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 28 मई 2026 को पुष्टि की थी कि दोनों देशों के बीच एक अस्थायी समझौता हुआ है, लेकिन इस पर राष्ट्रपति ट्रंप की अंतिम सहमति बाकी थी। वहीं दूसरी तरफ ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलीबाफ ने कहा कि ईरान केवल वादों पर भरोसा नहीं करता है और वह कोई भी कदम उठाने से पहले ठोस जमीनी कार्रवाई देखना चाहता है। सऊदी अरब ने भी इस मामले में दोनों देशों से तनाव कम करने और बातचीत का रास्ता अपनाने का आग्रह किया था।

एक तरफ नाकेबंदी हटाने का ऐलान, दूसरी तरफ नए अमेरिकी प्रतिबंध

इस घोषणा के बीच एक बड़ा विरोधाभास भी सामने आया है। जिस दिन ट्रंप ने नाकेबंदी हटाने की बात कही, उसी दिन अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान के सैन्य तेल बिक्री नेटवर्क से जुड़े संगठनों पर नए प्रतिबंध लगा दिए। ईरान के सरकारी मीडिया या किसी तीसरे देश के राजनयिकों ने अभी तक ट्रंप के इस नाकेबंदी हटाने वाले दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हालांकि पिछले कुछ दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य से गैर-ईरानी जहाजों की आवाजाही में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान पर नौसैनिक नाकेबंदी कब शुरू की थी?

शांति वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी शुरू की थी।

क्या ट्रंप के इस फैसले के बाद ईरान के लिए रोकी गई धनराशि जारी की जाएगी?

नहीं, ट्रंप ने साफ किया है कि सिचुएशन रूम में अंतिम फैसला होने तक ईरान के लिए कोई भी फंड या पैसा जारी नहीं किया जाएगा।

ईरान के संसद अध्यक्ष ने इस घोषणा पर क्या कहा है?

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलीबाफ ने कहा है कि ईरान केवल बातों या गारंटियों पर भरोसा नहीं करता, उसे कोई भी कदम उठाने से पहले जमीनी कार्रवाई देखनी होगी।