US Iran Blockade: अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों को किया ब्लॉक, ट्रंप ने दी चेतावनी, तेल की कीमतें बढ़ीं

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। पाकिस्तान की मदद से हुई शांति बातचीत फेल होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी का ऐलान कर दिया। इस बड़े कदम से पूरी दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ गई हैं और युद्ध की आशंका गहरा गई है।

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अमेरिका ने क्या किया और ट्रंप ने क्या चेतावनी दी?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 अप्रैल को ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी करने का फैसला सुनाया। अमेरिकी सेना ने 13 अप्रैल को सुबह 10 बजे (EDT) से इसे लागू कर दिया। अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने बताया कि यह घेराबंदी सिर्फ ईरानी बंदरगाहों के लिए है और दूसरे देशों के जहाज Strait of Hormuz से आ-जा सकेंगे। ट्रंप ने साफ कहा कि जो भी जहाज इस घेराबंदी को तोड़ने की कोशिश करेगा, उसे तुरंत खत्म कर दिया जाएगा।

बातचीत क्यों टूटी और ईरान का क्या कहना है?

अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच 8 अप्रैल से सीजफायर चल रहा था। 11 और 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में दोनों देशों की टीमें मिलीं, लेकिन परमाणु हथियारों के मुद्दे पर बात नहीं बनी। ईरान की सेना ने अमेरिका के इस कदम को गैरकानूनी और समुद्री डकैती बताया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके बंदरगाहों को नुकसान पहुँचाया गया, तो खाड़ी क्षेत्र का कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा। चीन और पाकिस्तान ने भी इस मामले में शांति बनाए रखने की अपील की है।

तारीख/नाम जानकारी
8 अप्रैल 2026 अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच सीजफायर शुरू हुआ
11-12 अप्रैल 2026 इस्लामाबाद में शांति वार्ता हुई लेकिन नाकाम रही
13 अप्रैल 2026 अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी शुरू की
JD Vance अमेरिका के उपराष्ट्रपति, जिन्होंने बातचीत फेल होने की पुष्टि की
Esmaeil Baqaei ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता, जिन्होंने घेराबंदी पर सवाल उठाए
Wang Yi चीनी विदेश मंत्री, जिन्होंने इसे वैश्विक हित के खिलाफ बताया
तेल बाजार घेराबंदी की खबर के बाद तेल की कीमतों में भारी उछाल आया