अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान के समुद्री रास्तों की नाकाबंदी कर दी है और अब तक 10 जहाजों को वापस लौटाया जा चुका है। CENTCOM के मुताबिक सोमवार से कोई भी जहाज इस नाकाबंदी को तोड़कर अंदर नहीं जा पाया है। यह पूरी कार्रवाई ईरान पर आर्थिक दबाव बनाने के लिए की गई है।
अमेरिका ने कैसे लगाया ईरान का घेरा
यह नाकाबंदी सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को शुरू हुई। अमेरिकी सेना ने साफ किया है कि यह नियम उन सभी जहाजों पर लागू होगा जो ईरान के बंदरगाहों में जा रहे हैं या वहां से निकल रहे हैं। इसमें सिर्फ ईरानी जहाज ही नहीं बल्कि दूसरे देशों के जहाज भी शामिल हैं। हालांकि, जो जहाज सिर्फ Strait of Hormuz से गुजर रहे हैं और ईरान नहीं जा रहे, उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी।
नाकाबंदी से जुड़ी मुख्य बातें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| शुरुआत की तारीख | 13 अप्रैल 2026 |
| लौटाए गए जहाज | 10 ईरानी जहाज |
| तैनात सैनिक | 10,000 से ज्यादा |
| प्रमुख युद्धपोत | USS Spruance, USS Tripoli |
| तैनात विमान | 100 से ज्यादा लड़ाकू और निगरानी विमान |
| ऑपरेशन का क्षेत्र | Gulf of Oman |
| मुख्य अधिकारी | एडमिरल ब्रैड कूपर |
ईरान का क्या है इस पर कहना
ईरान के सैन्य कमांडर अली अब्दुल्लाही ने सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने नाकाबंदी जारी रखी तो ईरान भी फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और लाल सागर में आयात-निर्यात पूरी तरह बंद कर देगा। ईरान का कहना है कि यह कदम शांति समझौते का उल्लंघन है। बता दें कि इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता विफल होने के बाद यह स्थिति पैदा हुई है।
