ईरान पर अमेरिका का कड़ा शिकंजा, 44 जहाजों को रोका, हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नौसेना का नियंत्रण

ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिका ने अपनी घेराबंदी और सख्त कर दी है। US Central Command (CENTCOM) ने जानकारी दी है कि अब तक 44 कमर्शियल जहाजों को रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया गया है। इतना ही नहीं, अमेरिका ने दो जहाजों को पूरी तरह से निष्क्रिय (disabled) कर दिया है और दो अन्य जहाजों पर कब्जा कर लिया है। यह कार्रवाई ईरान के खिलाफ जारी समुद्री नाकेबंदी का हिस्सा है, जिसकी जानकारी Kuwait News Agency (KUNA) के जरिए सामने आई है।
अमेरिका का रुख साफ
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 3 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया है कि जब तक कोई समझौता या पूर्ण समर्पण नहीं हो जाता, तब तक यह नाकेबंदी जारी रहेगी। उन्होंने साफ कहा कि ईरान तक कुछ भी तब तक नहीं पहुंचेगा जब तक अमेरिका की मर्जी नहीं होगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि Strait of Hormuz पर अब अमेरिकी नौसेना का पूरा नियंत्रण है। 14 जुलाई 2026 से शुरू हुई इस नाकेबंदी का असर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर साफ दिख रहा है।
ईरान की प्रतिक्रिया और वैकल्पिक रास्ते
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने अमेरिका के साथ किसी भी सीधी बातचीत से इनकार किया है। हालांकि, उन्होंने यह पुष्टि की है कि ओमान के साथ एक नए अस्थायी समुद्री रास्ते को लेकर चर्चा चल रही है ताकि व्यापारिक जहाजों की आवाजाही जारी रह सके। ईरानी अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि Strait of Hormuz की स्थिति 28 फरवरी से पहले जैसी नहीं होगी। इस बीच, ईरान के व्यापार मंत्री ने पाकिस्तान का दौरा किया है ताकि पाकिस्तानी बंदरगाहों के जरिए अपने कंटेनरों को निकालने का विकल्प तलाशा जा सके। अधिक जानकारी के लिए Kuwait News Agency की आधिकारिक वेबसाइट देखें।