अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम (ceasefire) होने के बावजूद Strait of Hormuz में तनाव बहुत बढ़ गया है। दोनों देशों की नौसेना एक-दूसरे के जहाजों को पकड़ रही है और समुद्र में टकराव जारी है। हाल ही में अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बेहद सख्त आदेश जारी किए हैं जिससे पूरे इलाके में हलचल मच गई है।
जहाजों की जब्ती और ट्रंप का सख्त आदेश
पिछले 24 घंटों में समुद्र में बड़ी कार्रवाई हुई है। ईरान की IRGC ने 22 और 23 अप्रैल को MSC-Francesca और Epaminondas नाम के दो कंटेनर जहाजों को जब्त कर लिया। वहीं अमेरिका ने भी भारतीय महासागर में ईरान से तेल ले जा रहे M/T Majestic X नाम के टैंकर को पकड़ा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नौसेना को आदेश दिया है कि अगर कोई भी ईरानी छोटी नाव समुद्र में बारूदी सुरंगें (mines) बिछाते हुए दिखे, तो उसे ‘शूट एंड किल’ यानी देखते ही मार गिराया जाए। साथ ही सुरंगों को हटाने के काम को तीन गुना बढ़ाने को कहा गया है, जिसमें पेंटागन के मुताबिक 6 महीने का समय लग सकता है।
क्या बंद हो गया है Strait of Hormuz का रास्ता?
ईरान की IRGC ने ऐलान किया है कि Strait of Hormuz अब बंद है और जब तक अमेरिका अपनी नाकाबंदी (blockade) नहीं हटाता, इसे दोबारा नहीं खोला जाएगा। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री ने पहले कहा था कि कमर्शियल जहाजों के लिए रास्ता खुला है, लेकिन बाद में IRGC ने इस बात को गलत बताया।
इतना ही नहीं, ईरान के संसदीय अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स लगाना शुरू कर दिया है और उन्हें पहली कमाई भी मिल चुकी है। दूसरी तरफ, ट्रंप ने युद्धविराम को तो आगे बढ़ा दिया है, लेकिन ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखने का फैसला किया है।
शांति वार्ता और पाकिस्तान की कोशिशें
इन दोनों देशों के बीच शांति कराने के लिए पाकिस्तान बीच-बचाव कर रहा था। इस्लामाबाद में शांति वार्ता होनी थी, लेकिन अब ये बातचीत रुक गई है या रद्द कर दी गई है।
ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका नाकाबंदी खत्म नहीं करता, वे किसी बातचीत में शामिल नहीं होंगे। वहीं अमेरिका की शर्त है कि पहले Strait of Hormuz का रास्ता पूरी तरह खुला होना चाहिए। इस वजह से फिलहाल शांति की उम्मीदें कम नजर आ रही हैं।
