अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब समुद्र की जंग तक पहुँच गया है। पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता विफल होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने Hormuz जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी का आदेश दिया है। इस बीच फ़्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू कराने की कोशिश की है ताकि युद्ध जैसी स्थिति को रोका जा सके।
अमेरिका और ईरान की मुख्य शर्तें क्या हैं?
दोनों देशों ने अपनी शर्तें रखी हैं जिसके बिना बातचीत आगे बढ़ना मुश्किल है। अमेरिका चाहता है कि ईरान यूरेनियम जमा करना बंद करे और Hamas तथा Hezbollah जैसे समूहों को पैसा देना बंद करे। साथ ही, अमेरिका ने Hormuz जलडमरूमध्य को बिना किसी टोल के पूरी तरह खोलने की मांग की है। दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन शर्त यह है कि लेबनान में युद्ध पूरी तरह बंद होना चाहिए।
Hormuz जलडमरूमध्य में क्या चल रहा है?
डोनाल्ड ट्रंप ने निर्देश दिया है कि जो भी जहाज ईरान को टोल दे रहे हैं, उन्हें अमेरिकी नौसेना रोके और तलाशी ले। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के तेज़ रफ़्तार जहाज़ अमेरिकी नाकाबंदी के करीब आए, तो उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा। हाल ही में दो टैंकरों को इस रास्ते से वापस भेज दिया गया है। वहीं, ईरान की Revolutionary Guard ने अमेरिकी जहाजों पर जवाबी हमले की धमकी दी है।
Macron की मध्यस्थता और आगे की योजना क्या है?
फ़्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति Pezeshkian से अलग-अलग बातचीत की है। Macron चाहते हैं कि इस्लामाबाद में हुई वार्ता फिर से शुरू हो ताकि तनाव कम हो सके। आने वाले शुक्रवार, 16 अप्रैल 2026 को फ़्रांस और ब्रिटेन एक बड़ी कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसमें इस बात पर चर्चा होगी कि कैसे समुद्र में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाया जाए और इस विवाद का शांतिपूर्ण हल निकाला जाए।
