अमेरिका और ईरान के बीच समंदर में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी नेवी ने दो ईरानी टैंकरों पर हमला किया जिसके बाद ईरान ने भी पलटवार करते हुए अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया। इस टकराव की वजह से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में स्थिति काफी खराब हो गई है और कई व्यापारिक जहाज वहां फंस गए हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच क्या हुआ और कौन से जहाज शामिल थे?
ईरान के विदेश मंत्रालय और सैन्य मुख्यालय ने बताया कि अमेरिकी नेवी ने जस्क और फुजैरह के पास दो ईरानी तेल टैंकरों पर हमला किया। ईरान ने इसे युद्धविराम का उल्लंघन और आक्रामक कदम बताया। जवाब में ईरान ने दावा किया कि उन्होंने अमेरिकी जहाजों को भारी नुकसान पहुंचाया जिससे उन्हें पीछे हटना पड़ा। ईरान ने Ocean Koi नाम के एक टैंकर को भी जब्त कर लिया है।
दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि 7 मई को ईरान ने USS Truxtun, USS Rafael Peralta और USS Mason जैसे अमेरिकी विध्वंसक जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। अमेरिका ने इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया और ईरान के मिसाइल लॉन्च साइट और कमांड सेंटर पर हमले किए। अमेरिका का दावा है कि उनके किसी भी जहाज को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और पाकिस्तान की मध्यस्थता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि फिलहाल युद्धविराम लागू है लेकिन उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने जल्दी कोई समझौता नहीं किया तो अमेरिका और भी अधिक हिंसा और बमबारी करेगा।
इस बीच पाकिस्तान दोनों देशों के बीच शांति समझौता कराने की कोशिश कर रहा है। खबर है कि ईरान अभी अमेरिकी प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है लेकिन उसने अभी तक कोई अंतिम जवाब नहीं दिया है। वहीं रूस और चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान के खिलाफ किसी भी प्रस्ताव को रोकने के लिए वीटो का इस्तेमाल किया है।
नया टैक्स नियम और जहाजों का फंसना
ईरान ने एक नई सरकारी एजेंसी ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ बनाई है। इस एजेंसी का काम हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की जांच करना और उन पर टैक्स लगाना है। समुद्री कानून के जानकारों का कहना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के नियमों के खिलाफ है।
इस नए नियम की वजह से सैकड़ों कमर्शियल जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ने की संभावना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिकी जहाजों पर हुए हमले में कितना नुकसान हुआ
ईरान का दावा है कि उनके हमलों से अमेरिकी जहाजों को काफी नुकसान हुआ और उन्हें पीछे हटना पड़ा, लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि उनके किसी भी एसेट को कोई चोट नहीं पहुंची है।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाज क्यों फंसे हुए हैं
ईरान ने जहाजों की जांच और टैक्स वसूलने के लिए ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ बनाई है, जिसकी वजह से सैकड़ों व्यापारिक जहाज वहां फंसे हुए हैं।