अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बड़ी बैठक हो रही है। इस बातचीत का मुख्य मुद्दा ईरान की जमा संपत्ति को वापस करना और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते को सुरक्षित बनाना है। दोनों देशों के बीच एक नाजुक युद्धविराम लागू है, लेकिन अभी भी कई शर्तें पूरी होनी बाकी हैं।

🚨: US-Iran Deal: अमेरिका छोड़ सकता है ईरान की जमी संपत्ति, इस्लामाबाद में चल रही है युद्धविराम की बातचीत

ईरान की क्या शर्तें हैं और अमेरिका का क्या कहना है?

ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालीबाफ ने साफ किया है कि बातचीत शुरू करने के लिए दो चीजें जरूरी हैं। पहली यह कि लेबनान में युद्धविराम हो और दूसरी यह कि ईरान की जो संपत्ति विदेशों में फ्रीज है, उसे वापस किया जाए। दूसरी तरफ, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मांग की है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह और तुरंत खोला जाए ताकि जहाज सुरक्षित निकल सकें। ट्रंप ने यह भी कहा है कि अमेरिका इस रास्ते पर किसी भी तरह का टोल टैक्स बर्दाश्त नहीं करेगा।

संपत्ति और समुद्री रास्ते का क्या कनेक्शन है?

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान की जमा संपत्ति को छोड़ने पर सहमति जताई है, लेकिन इसे समुद्री रास्ते की सुरक्षा से जोड़ा गया है। अमेरिका चाहता है कि ईरान इस अंतरराष्ट्रीय रास्ते का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए न करे। इस समय हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सामान्य से काफी कम है और ईरान चुनिंदा जहाजों को ही रास्ता दे रहा है। अमेरिका अब अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इस रास्ते को सुरक्षित करने की योजना बना रहा है।

बातचीत में कौन शामिल है और मौजूदा हालात क्या हैं?

इस मीटिंग में अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की तरफ से स्पीकर गालीबाफ नेतृत्व कर रहे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस पूरी बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि, लेबनान सीमा पर इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच अभी भी गोलाबारी जारी है, जिससे शांति समझौते की राह मुश्किल हो गई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने भी लेबनान पर इजरायली हमलों को रोकने की मांग की है।

Sushma Kumari

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