अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू, फाइनल डील से पहले फ्रेमवर्क पर होगी सहमति, ट्रंप बोले सौदा करीब है
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत का नया दौर शुरू हुआ है. ताजा खबरों के मुताबिक, दोनों देश अभी किसी फाइनल समझौते के बजाय बातचीत के लिए एक बुनियादी ढांचा यानी फ्रेमवर्क तैयार करने पर सहमत हुए हैं. इस पूरी प्रक्रिया पर दुनिया की नजर है क्योंकि यह मिडिल ईस्ट की शांति और सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है.
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बातचीत में किन शर्तों पर चर्चा हो रही है?
दोनों देशों के बीच एक तीन पेज का फ्रेमवर्क या समझौता ज्ञापन तैयार किया जा रहा है. अमेरिका ने ईरान से यूरेनियम संवर्धन पर 20 साल तक रोक लगाने का प्रस्ताव रखा है, जबकि ईरान इसे सिर्फ 5 साल रखने की बात कर रहा है. इसके अलावा, चर्चा है कि अमेरिका ईरान के 20 अरब डॉलर के फंसे हुए पैसे छोड़ सकता है, बशर्ते ईरान अपना संवर्धित यूरेनियम का स्टॉक सरेंडर कर दे. ईरान ने अपनी 10 सूत्रीय मांगें रखी हैं, जिसमें प्रतिबंधों में ढील और क्षेत्र से अमेरिकी सेना की वापसी शामिल है.
होर्मुज जलडमरूमध्य और नाकाबंदी का क्या मामला है?
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अब होर्मुज जलडमरूमध्य को कभी बंद नहीं करेगा और सौदा बहुत करीब है, जो आने वाले वीकेंड तक हो सकता है. दूसरी ओर, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि युद्धविराम के दौरान यह रास्ता सभी व्यापारिक जहाजों के लिए खुला रहेगा. हालांकि, ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जब तक समझौता 100% पूरा नहीं हो जाता, अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी पूरी तरह जारी रहेगी.
समझौते से जुड़ी मुख्य जानकारियां
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| महत्वपूर्ण समय सीमा | युद्धविराम 21 या 22 अप्रैल 2026 को खत्म होगा |
| मध्यस्थ देश | पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की |
| प्रमुख वार्ताकार (US) | डोनाल्ड ट्रंप, जेडी वैन्स, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर |
| प्रमुख वार्ताकार (Iran) | अब्बास अराघची और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल |
| बातचीत का स्थान | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| ईरान की मांग | गैर-आक्रामकता की गारंटी और प्रतिबंधों से राहत |