अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए दूसरे दौर की बातचीत इस्लामाबाद में शुरू हो गई है। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल एक साथ पाकिस्तान पहुंचे हैं, जबकि दुनिया की नजरें इस बात पर हैं कि क्या कोई ठोस समझौता हो पाता है। पाकिस्तान ने इस पूरी प्रक्रिया में मध्यस्थ की अहम भूमिका निभाई है और दोनों पक्षों को एक मेज पर लाने का काम किया है।

बातचीत में कौन ले रहा हिस्सा और क्या है स्थिति

इस मीटिंग में अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति J.D. Vance, मिडिल ईस्ट दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर हिस्सा ले रहे हैं। वहीं ईरान की तरफ से विदेश मंत्री Abbas Araghchi बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर इस पूरी बातचीत को सुविधाजनक बनाने में जुटे हैं। हालांकि, ईरान की टीम के भीतर कुछ मतभेद भी बताए जा रहे हैं, जहां रिवोल्यूशनरी गार्ड अपनी शर्तों को मजबूत करना चाहते हैं।

दोनों देशों के बीच मुख्य विवाद और मांगें

अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य विवाद यूरेनियम संवर्धन और समुद्री रास्तों को लेकर है। अमेरिका चाहता है कि ईरान यूरेनियम बनाने का काम 20 साल के लिए बंद करे और अपना स्टॉक सौंप दे। दूसरी तरफ, ईरान ने केवल 10 साल तक इसे रोकने का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा, अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए पूरी तरह खोलने की मांग कर रहा है, जबकि ईरान इस पर अपना नियंत्रण चाहता है और बदले में अमेरिकी प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाने की मांग कर रहा है।

क्या युद्ध का खतरा अभी भी बना हुआ है

डिप्लोमेटिक कोशिशों के बीच तनाव अभी भी कम नहीं हुआ है। पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुआ दो हफ्ते का युद्धविराम (ceasefire) अब खत्म होने वाला है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे समझौते को लेकर सकारात्मक हैं, लेकिन साथ ही चेतावनी दी है कि अगर बात नहीं बनी तो ईरान के अहम बुनियादी ढांचे पर हवाई हमले किए जा सकते हैं। इसी बीच अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में एक ईरानी जहाज को जब्त किया है और ईरान पर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

मुख्य मुद्दा अमेरिका की मांग ईरान का रुख
यूरेनियम संवर्धन 20 साल का पूर्ण प्रतिबंध और स्टॉक ट्रांसफर 10 साल के लिए संवर्धन रोकने का प्रस्ताव
होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए पूरा रास्ता खुला हो रास्ते पर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहता है
प्रतिबंध कड़े नियमों के बाद ही राहत सभी अमेरिकी प्रतिबंध पूरी तरह हटाए जाएं
युद्धविराम नियमों का पालन और उल्लंघन बंद हो तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक रास्ता अपनाए
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com