US-Iran Negotiation: JD Vance फिर जाएंगे इस्लामाबाद, लेकिन ईरान ने बातचीत से किया इनकार, नौसेना के दबाव का लगाया आरोप
अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance एक बार फिर ईरान के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद जा रहे हैं। राष्ट्रपति Donald Trump ने इस खास मिशन के लिए अपनी टीम में स्टीव विटकॉफ और अपने दामाद जेरेड कुश्नर को भी शामिल किया है। हालांकि, ईरान ने फिलहाल बातचीत में शामिल होने से मना कर दिया है, जिससे इस मीटिंग पर संशय बना हुआ है।
बातचीत की क्या स्थिति है और अब तक क्या हुआ?
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का पहला दौर 11 और 12 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में हुआ था। यह बैठक करीब 21 घंटे तक चली, लेकिन दोनों देशों के बीच कोई सहमति नहीं बन पाई। अमेरिका की मुख्य मांग यह है कि ईरान लिखित में वादा करे कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। वहीं, ईरान के प्रतिनिधियों का कहना है कि अमेरिका ने अभी तक उनका भरोसा नहीं जीता है।
ईरान ने बातचीत के लिए मना क्यों किया?
ईरान की तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, जब तक अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी (Naval Blockade) रखेगी, तब तक ईरान पाकिस्तान में कोई टीम नहीं भेजेगा। Strait of Hormuz में भी तनाव काफी बढ़ा हुआ है। ईरान का मानना है कि नौसैनिक दबाव के बीच बातचीत करना मुमकिन नहीं है।
ट्रंप की चेतावनी और इस्लामाबाद में सुरक्षा इंतजाम
राष्ट्रपति Donald Trump ने सख्त लहजे में कहा है कि अगर ईरान ने समझौता स्वीकार नहीं किया, तो अमेरिका उसके नागरिक बुनियादी ढांचे को तबाह कर सकता है। दूसरी तरफ, पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ा दी है। बातचीत के लिए मैरियट और सेरेना जैसे बड़े होटलों को सरकारी कब्जे में ले लिया गया है और वहां मेहमानों के लिए बुकिंग बंद कर दी गई है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पहला दौर (तारीख) | 11-12 अप्रैल 2026 |
| दूसरा दौर (तारीख) | 20 अप्रैल 2026 |
| अमेरिकी प्रतिनिधि | JD Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner |
| ईरानी प्रतिनिधि (पहले दौर में) | Mohammad Bagher Ghalibaf, Abbas Araghchi |
| स्थान | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| मुख्य विवाद | परमाणु हथियार और नौसैनिक घेराबंदी |